Move to Jagran APP

टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होने आई प. बंगाल की युवती के साथ दुष्‍कर्म मामले में 4 किसान नेताओं सहित 6 पर केस

कोरोना से मृत हुई पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में छह लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इनमे चार किसान नेता और दो आंदोलन से जुड़ी महिला वॉलंटियर शामिल हैं। मौत से पहले युवती से कुछ गलत होने को लेकर मामला गर्म था।

By Manoj KumarEdited By: Published: Sun, 09 May 2021 01:19 PM (IST)Updated: Sun, 09 May 2021 05:13 PM (IST)
टिकरी बॉर्डर पर कोरोना से मृत हुई पश्चिम बंगाल की युवती के साथ दुष्‍कर्म होने का मामला सामने आया है

बहादुरगढ़, जेएनएन। टीकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन में शामिल होने आई और फिर कोरोना से मृत हुई पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में छह लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इनमे चार किसान नेता और दो आंदोलन से जुड़ी महिला वॉलंटियर शामिल हैं। युवती की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई थी मगर उससे पहले उसके साथ कुछ गलत होने को लेकर कई दिनों से मामला गर्म था।

loksabha election banner

शनिवार को टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त मोर्चा की मीटिंग हुई थी। मृतक युवती के पिता के बयान पर अब बहादुरगढ़ शहर थाना में मामला दर्ज हुआ है। कई संगठनों के नेता इस मामले को उठा रहे थे। आरोपित किसान सोशल आर्मी से जुड़े हैं। आरोपितों की पहचान अनिल मालिक, अनूप सिंह, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़, कविता आर्य व योगिता सुहाग के रूप में हुई है।

सामूहिक दुष्कर्म के अलावा अपहरण, ब्लैकमेलिंग, बंधक बनाने और धमकी देने की धारा भी शामिल है। आरोपितों में अनूप सिंह, अनिल मलिक, अंकुश सांगवान, जगदीश बराड़ के अलावा दो महिला वालंटियर के नाम शामिल हैं। बताया जाता है कि इनमें से अनूप सिंह तो हिसार क्षेत्र से है। वह आम आदमी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता रहा है। इसकी पुष्टि आप के सांसद सुशील गुप्ता ने भी की है। वहीं अनिल मलिक दिल्ली में ही आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता बताया जा रहा है, मगर इसके बारे में सुशील गुप्ता ने जानकारी होने से इंकार किया है। ये दोनों ही आंदोलन की शुरूआत से टीकरी बॉर्डर पर किसान साेशल आर्मी के बैनर तले सक्रिय थे।

अपना पक्का तंबू बना रखा था। युवती की मौत के समय से यहां से अनूप सिंह गायब था। कुछ दिन बाद रात में उसका तंबू भी यहां से हटा दिया गया था। साथ ही आंदोलन के मंच से अनूप सिंह से संयुक्त माेर्चा ने पल्ला झाड़ लिया गया था। युवती के माता-पिता टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर आए थे। कई दिनों से यह मामला गर्म होता जा रहा था। शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख सदस्यों ने टीकरी बॉर्डर पर इसी सिलसिले में गुप्त बैठक की थी और इस मामले में मोर्चा की तरफ से ही एक जांच कमेटी बनाने की बात कही थी।

आंदोलन में शामिल कई संगठनों की ओर से इसको लेकर आवाजा उठाई जा रही थी। शनिवार की रात युवती के पिता की शिकायत के बाद शहर थाना में मामला दर्ज हो गया। पहले से ही आंदोलन से कई विवाद जुड़े रहे हैं। अब इस तरह की घटना से तो आंदोलन पर और भी ज्यादा गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बहादुरगढ़ शहर थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि महिला थाना प्रभारी को इसकी जांच सौंपी गई है।

बता दें कि 10 दिन पहले युवती की कोरोना से मौत होने के बावजूद किसानों ने शव यात्रा निकाली थी। जबकि कोरोना संक्रमित मृतक व्‍यक्ति के शव का एक निश्चित गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्‍कार किया जाता है। किसानों ने भीड़ में जब कोरोना संक्रमित मृत युवती की शव यात्रा निकाली तो इस दौरान संक्रमण फैलने का भय बना रहा। किसान आंदोलन के बीच यह पहली मौत थी। किसान अभी भी कोरोना को लेकर लापरवाह बने रहे।

इसी बीच युवती के साथ कुछ गलत होने की बातें भी सामने आई थी, मगर इस बात को अनदेखा कर दिया गया और कहा गया कि युवती की मौत तो कोरोना से हुई है। हालांकि युवती कोरोना संक्रमित थी, मगर किसानों का कहना था कि उन्‍हें बदनाम करने के लिए दुष्‍कर्म होने जैसी बातें की जा रही हैं। युवती का अंतिम संस्‍कार तो कर दिया गया, मगर दुष्‍कर्म होने का मामला गरमाया रहा।

अब बड़ा सवाल ये भी है कि दुष्‍कर्म का मामला तो दर्ज हो गया है मगर युवती के शव का अंतिम संस्‍कार किए जाने से जांच किस तरह से आगे बढ़ेगी। क्‍योंकि कोरोना से मृत हुए लोगों के शवों को मेडिकल भी नहीं किया जाता है। मगर दुष्‍कर्म केस दर्ज होने के बाद इस बात की चर्चा हर तरफ हो रही है।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.