यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bulldozer Action in Gurugram: एक-एक इंच जमीन होगी कब्जा मुक्त, अतिक्रमण हटाओ अभियान की तैयारी
सोहना नगर परिषद के लिए अपनी भूमि पर से अवैध कब्जे हटाना आसान नहीं होगा। परिषद की हजारों एकड़ भूमि ...और पढ़ें

HighLights
- नगर परिषद ने शुरू की अतिक्रमण हटाओ चलाने की तैयारी।
- पटवारी ने परिषद के राजस्व रिकार्ड को खंगालना शुरू किया।
सतीश राघव, सोहना (गुरुग्राम)। नगर परिषद प्रशासन के लिए अपनी भूमि पर से अवैध कब्जे हटाना आसान नहीं होगा। परिषद की ऐसी हजारों एकड़ भूमि है जिस पर राजस्व रिकार्ड में मालिकाना हक परिषद का है लेकिन भूमाफियों का कब्जा है।
वर्षों पहले परिषद को उक्त भूमि पर राजस्व रिकॉर्ड में मालिकाना हक तो मिला लेकिन भूमि पर परिषद को न कब्जा मिल सका और न ही परिषद भूमि पर डिमार्केशन करा सकी। इससे भूमि का सही रिकॉर्ड नहीं है। जब तक भूमि चिन्हित नहीं होगी कैसे पता चलेगा कि इस भूमि पर परिषद का मालिकाना हक है।
ऐसी भूमि पर नामचीन हस्तियों का फार्म हाउस
कुछ भूमाफिया ने शहर की शामलात भूमि पर न केवल कब्जा किया हुआ है बल्कि भूमि का रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करा बड़ी हस्तियों को बेच दी। ऐसी भूमि पर नामचीन हस्तियों के फार्म हाउस बने हैं।
वर्ष 2014 में सोहना नगरपालिका का विस्तार करते हुए इसे परिषद का स्वरूप दे दिया गया। सोहना के आसपास लगते 13 गांव इसमें शामिल कर दिए गए। इससे पंचायती भूमि पर भी परिषद का मालिकाना हक हो गया।
परिषद में शामिल 13 गांवों को मिलाकर करीब 2500 एकड़ भूमि
रायसीना पहाड़ी से लगते नदी नाले, सांपकी नंगली गांव की पहाड़ी की तलहटी एवं शहर के कई हिस्सों सहित परिषद में शामिल 13 गांवों को मिलाकर करीब 2500 एकड़ भूमि है।
अकेले शहर की करीब दो हजार से अधिक रकबा है लेकिन इस रकबा में 80 प्रतिशत पर कब्जा है। नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी सुमनलता का कहना है कि भूमि को चिन्हित करने के लिए परिषद के पटवारी राजस्व रिकार्ड की जांच में जुट गए हैं। स्टेटस रिपोर्ट मिलते ही परिषद की भूमि पर साइन बोर्ड लगा दिए जाएंगे ताकि सबको पता चल जाए कि यह भूमि परिषद की है।
भूमि पर सरकार के साथ आम जनता का अधिकार है। परिषद की एक-एक इंच भूमि अतिक्रमण मुक्त की जाएगी। परिषद पटवारी से भूमि की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। राजस्व रिकार्ड में मैदानी समतल भूमि, जोहड़ नदी नाले व पहाड़ की भूमि कितनी है, इसका पता करना आवश्यक है।
तेजपाल तंवर, विधायक, सोहना
