यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Cyber Fraud: आटोमोबाइल की नामी कंपनी के चीफ फाइनेंसियल आफिसर से साइबर ठगी, बास के नाम पर ठगों ने 1 करोड़ का लगाया चूना
Cyber Fraud राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में आटोमोबाइल सेक्टर की एक नामी कंपनी के बड़े अधिकारी के साथ बेहद ...और पढ़ें

गुरुग्राम [आदित्य राज]। राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में आटोमोबाइल सेक्टर की एक नामी कंपनी के बड़े अधिकारी के साथ बेहद शातिर तरीके से ठगी (Cyber Fraud) का मामला सामने आया है। साइबर ठगों (Cyber Criminals) ने कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (Chief Financial Officer) के साथ एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने जालसाज के एक खाते को ब्लाक करा दिया गया है। इस खाते में 16 लाख रुपये गए थे। बाकी खातों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। बताया जाता है कि जिन खातों में पैसे गए हैं वे बिहार और उत्तरप्रदेश में हैं। एक खाता चैन्नई का है।
बास की प्रोफाइल फोटो लगाकर लगाया चूना
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वाट्सएप पर शुक्रवार दोपहर एक अज्ञात नंबर से उन्हें पैसे ट्रांसफर करने का मैसेज आया। मैसेज करने वाले ने अपने आप को कंपनी का वाइस चेयरमैन बताया। उसने वाइस चेयरमैन की प्राेफाइल फोटो भी लगा रखी थी। ठग ने कहा कि वह एक मीटिंग में है इसलिए बात नहीं कर सकता। ठग ने सीएफओं को तत्काल पैसे ट्रांसफर करने को कहा। मैसेज में यह भी लिखा था कि यह गोपनीय नंबर है।
अलग-अलग खाते में भेजे एक करोड़ रुपये
सीएफओ को लगा कि उसके बास ने ही मैसेज किया है। उन्होंने बास से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वाइस चेयरमैन का फोन नहीं लगा। कुछ देर बाद सीएफओ ने ठग के भेजे आठ खातों में कुल एक करोड़ 11 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब वाइस चेयरमैन आफिस पहुंचे तो सीएफओ ने उनसे पैसे ट्रांसफर किए जाने की चर्चा की। फिर धोखाधड़ी की बात सामने आई।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
वाइस चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने पैसों के लिए कोई मैसेज नहीं किया था। साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बताया कि मोबाइल नंबर के आधार पर जालसाज की पहचान की जा रही है। खातों के आधार पर भी छानबीन की जा रही है। जल्द ही जालसाज को गिरफ्तार किया जाएगा। लोगों से अपील की है कि वाट्सएप मैसेज या ईमेल की छानबीन करने के बाद ही पैसे ट्रांसफर करें। यदि अज्ञात नंबर से फोन आता है और वह अपने आपको आपका जानकार बताता है, फिर भी छानबीन करें।
