SRS ग्रुप के प्रवर्तकों पर ED का शिकंजा, 212.73 करोड़ की संपत्ति जब्त, भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित
गुरुग्राम की विशेष अदालत ने एसआरएस ग्रुप के प्रवर्तकों के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया है। ग्रुप की 212.73 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रवर्तकों पर घर खरीदारों और बैंकों से धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी ने अब तक 2215.98 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।

जागरण संवाददाता, नया गुरुग्राम। एसआरएस ग्रुप के प्रवर्तक और निदेशक जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल एवं प्रवीण कुमार कपूर के विरुद्ध गुरुग्राम की विशेष अदालत (पीएमएलए) ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 (एफइओए) के तहत नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही ग्रुप की 212.73 करोड़ की संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रवर्तन निदेशालय के गुरुग्राम कार्यालय ने अदालत में धारा चार एफईओए के अंतर्गत आवेदन दाखिल कर इन आरोपितों को फ्यूजिटिव इकाेनाॅमिक ऑफेंडर घोषित करने और इनके साथ-साथ इनके सहयोगियों व कंपनियों की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रार्थना की थी।
आपराधिक साजिश और गबन का आरोप
संपत्तियों की अनुमानित कीमत 212.73 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एसआरएस ग्रुप रियल एस्टेट और फाइनेंस के कारोबार में सक्रिय था। ग्रुप के प्रवर्तकों पर आरोप है कि इन्होंने घर/प्लाट खरीददारों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से धोखाधड़ी कर संपत्ति का दुरुपयोग, आपराधिक साजिश और गबन किया।
ईडी ने यह जांच हरियाणा पुलिस, ईओडब्ल्यू दिल्ली और सीबीआइ द्वारा दर्ज करीब 81 एफआइआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने लगभग 2200 करोड़ रुपये की राशि निवेश के नाम पर जनता और बैंकों से जुटाई और बाद में उन्हें धोखा देकर गबन कर लिया।
2215.98 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच
ईडी की कार्रवाई में अब तक 2215.98 करोड़ रुपये की संपत्तियां प्रोसीड्स ऑफ क्राइम के रूप में अटैच की जा चुकी हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने पाया कि जितेंद्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीण कुमार कपूर धन शोधन में शामिल रहे और सभी आरोपी भारत छोड़कर जार्जिया और दुबई (यूएई) में रह रहे हैं।
तीनों आरोपितों के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट, लुक आउट सर्कुलर और रेड काॅर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं। इससे पहले 6 जून 2025 को विशेष अदालत ने इन्हें घोषित अपराधी भी घोषित कर दिया था। ईडी की आगे की जांच जारी है।
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