यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुरुग्राम में सामने आया दुर्लभ मामला, 30 दिन की नवजात के पेट में पल रहे जुड़वां भ्रूण
गुरुग्राम में एक 30 दिन की नवजात बच्ची के पेट से जुड़वां परजीवी भ्रूण मिलने का दुर्लभ मामला सामने आया ...और पढ़ें

HighLights
- 30 दिन की नवजात के पेट में जुड़वां भ्रूण
- पांच लाख नवजातों में से एक में संभव
- सर्जरी के बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में 30 दिन की नवजात बच्ची के पेट से जुड़वां परजीवी भ्रूण मिलने का दुर्लभ मामला सामने आया है। भ्रूण में भ्रूणों का होना एक दुर्लभ जन्मजात विसंगति है।
यह स्थिति दुनिया भर में करीब पांच लाख जीवित नवजातों में से केवल एक में हो सकती है। वैश्विक स्तर पर भ्रूण में भ्रूण यानी एक नवजात शिशु के अंदर एक भ्रूण के विकसित होने के 300 से भी कम मामले अब तक रिपोर्ट किए गए हैं, जबकि एक से अधिक परजीवी भ्रूणों के मामले और भी दुर्लभ हैं।
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के पीडिएट्रिक सर्जरी विशेषज्ञ डा. आनंद सिन्हा ने बताया कि नवजात को पेट में सूजन, अत्यधिक चिड़चिड़ापन और दूध पीने में कठिनाई की शिकायत के साथ फोर्टिस लाया गया।
वहीं, प्रारंभिक जांच में पेट की कैविटी (उदर गुहा) में बढ़ा हुआ मिला। बच्ची के पेट की कैविटी में दो विकृत भ्रूण पलने की पुष्टि हुई।
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उन्होंने बताया कि यह दुर्लभ स्थिति गर्भावस्था के शुरुआती दौर में होती है, जब एक भ्रूण दूसरे भ्रूण को अपने शरीर में घेर लेता और फंसा लेता है। फंसा हुआ भ्रूण न तो बढ़ सकता है और न ही जीवित रह सकता है। इस शिशु के मामले में दोनों परजीवी जुड़वां एक ही थैली में बंद थे। सर्जरी के बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ है और रिकवरी तेजी से हो रही है।
