जज के कर्मचारी का दर्द, डेढ़ महीने तक काटता रहा थाने के चक्कर; पुलिस ने अब दर्ज किया केस
गुरुग्राम में सोहना कोर्ट में महिला जज के घर काम करने वाले मंजीत की बाइक चोरी हो गई। 17 फरवरी को हुई इस घटना के बाद भी पुलिस ने डेढ़ महीने तक एफआईआर दर्ज नहीं की। आखिरकार जज के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज हुआ। पुलिस की इस तरह की लापरवाही से लोग परेशान हैं। आगे विस्तार से जानिए पूरा मामला।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में सोहना कोर्ट में महिला जज के घर हाउस कीपिंग का काम करने वाले एक कर्मचारी की बाइक चोरी की एफआइआर भी पुलिस डेढ़ महीने बाद दर्ज कर रही है।
बता दें कि 17 फरवरी को युवक के लाखूवास स्थित घर के बाहर से बाइक चोरी हो गई थी। 18 फरवरी को शिकायत देने के बाद पुलिस ने अब सात अप्रैल को थाने में बाइक चोरी का केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
लाखूवास गांव निवासी मंजीत ने बताया कि वह सोहना कोर्ट में महिला जज के घर पर काम करते हैं। वह परमानेंट कर्मचारी हैं। उन्होंने 2023 में यामाहा बाइक ली थी। 17 फरवरी की रात ड्यूटी से वापस आने के बाद उन्होंने अपनी बाइक घर के बाहर खड़ी कर दी थी। 18 फरवरी की सुबह आठ बजे देखा तो बाइक नहीं मिली। इस पर वे उसी दिन सोहना शहर थाने पहुंचे। यहां उन्हें आइओ का नंबर दिया गया। आइओ से फोन पर बात हुई। वह उस समय बाहर थे।
कहा कि वह अपनी शिकायत थाने के मुंशी को दे दें। मंजीत ने अपनी लिखित शिकायत और कागजात दे दिए। दो चार बाद वह केस का स्टेट्स जानने के लिए थाने पहुंचे तो एफआइआर भी दर्ज नहीं हुई थी। आइओ से दोबारा फोन पर बात की तो वह आज कल-आज कल करते रहे। दस दिन बीत जाने के बाद भी जब एफआइआर नहीं हुई तो मंजीत ने जज मैडम को इसकी जानकारी दी।
जज ने एसएचओ को बुलाकर केस दर्ज करने के लिए कहा
मंजीत की शिकायत पर महिला जज ने सोहना शहर थाना प्रभारी को बुलाकर उनसे केस दर्ज करने के लिए कहा। इसके बावजूद भी थाना प्रभारी ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। मंजीत ने बताया कि जब भी थाना पुलिस कर्मियों को फोन किया जाता था तो अक्सर फोन नहीं उठता था। वे बिजी रहने का कारण बताते थे। उन्होंने केस दर्ज कराने को लेकर पांच बार थाने के चक्कर भी काटे। आखिरकर डेढ़ महीने बाद अप्रैल में उनकी शिकायत पर केस दर्ज किया गया।
निजी कार्य में व्यस्त था, इसलिए शिकायत नहीं दे सका
एक तो सोहना शहर थाना पुलिस ने शिकायतकर्ता की तहरीर पर डेढ़ महीने तक एफआइआर दर्ज नहीं की। दूसरे उन्होंने जब एफआइआर लिखी तो उसमें शिकायतकर्ता की तरफ से यह भी लिख दिया कि बाइक चोरी होने के बाद वह किसी निजी कार्य में व्यस्त हो गए, इस कारण शिकायत नहीं दे सके। उन्होंने शिकायत की तारीख भी सात अप्रैल की दिखाई।
एफआइआर में देरी पर निलंबित हुए थे थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी
बीते दिनों ही बाइक चोरी की एफआइआर में हीलाहवाली करने पर शिकायत मिलने पर पुलिस आयुक्त ने आइएमटी मानेसर थाना प्रभारी, आइओ और मुंशी को निलंबित कर दिया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि थाने में उसे कई दिनों तक टरकाया गया। इस पर पुलिस आयुक्त ने फौरन कार्रवाई कर संदेश दिया था।
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