गुरुग्राम [आदित्य राज]। देश के नवनियुक्त चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) अनिल चौहान की पहचान शुरू से ही सख्त अधिकारी की रही है। वह पाकिस्तान और चीन के मामले में शुरू से ही बोल्ड रहे हैं। कुछ समय पहले लद्दाख में जो हरकत चीन ने की थी। वैसी हरकत करने की हिम्मत अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के इलाके में नहीं हुई। चौहान की रणनीति के आगे चीन की एक नहीं चली थी। उन्हें सीडीएस बनाकर केंद्र सरकार ने चीन और पाक को एक साथ सख्त संदेश दिया है। दोनों देशों के पास चौहान की रणनीति का कोई जवाब नहीं है।

उत्तराखंड के रहने वाले हैं अनिल चौहान

मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले अनिल चौहान गोरखा रायफल्स से हैं। गोरखा रायफल्स में उनके सीनियर रहे डिप्टी चीफ आफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) जेबीएस यादव कहते हैं कि केंद्र सरकार ने ऐसे जांबाज को सीडीएस बनाया है, जिसकी रणनीति का मुकाबला आज पूरी दुनिया में संभवत नहीं। बोल्ड के साथ ही सुझबूझ से भरपूर हैं अनिल चौहान।

पाक और चीन के खिलाफ किया है कई आपरेशन का नेतृत्व

पाकिस्तान और चीन के विरुद्ध कई आपरेशन का उन्होंने नेतृत्व किया है। हर आपरेशन में सफल रहे हैं। नगालैंड में आतंकवाद के विरुद्ध सफल आपरेशन चलाया। बारामूला में आतंकवाद के विरुद्ध आपरेशन बहुत बड़ी उपलब्धि है। पीओके इलाके में उनके नाम से खौफ है। लद्दाख की तरह चीन ने अरुणाचल और सिक्किम में भी आगे बढ़ने का मन बनाया था, लेकिन अनिल चौहान की रणनीति के आगे उसकी एक नहीं चली। सख्ती और सुझबूझ से उन्होंने चीन के कदम को आगे बढ़ने से रोक दिया।

दुनिया की सबसे मजबूत सेना होगी

देश की सेना दुनिया की सबसे मजबूत सेना होगी। मजबूत बनाने की क्षमता और रणनीति अनिल चाैहान के पास है। वह डायरेक्टर जनरल मिलिट्री आपरेशन रहे हैं। किस देश की सेना की क्या क्षमता है, उससे वह पूरी तरह वाकिफ हैं। उनके पास संवाद करने की बेहतर कला है। केंद्र सरकार ने बहुत ही सराहनीय निर्णय लिया है। तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बैठाकर उन्हें मजबूत बनाने में हर स्तर पर सफल होंगे। सेना को लगातार अपग्रेड करते रहने की चुनौतियां उनके सामने रहेंगी। देर से ही सही लेकिन केंद्र सरकार ने एक जांबाज अधिकारी का चुनाव सीडीएस के लिए किया है। केंद्र सरकार के इस निर्णय की जितनी सराहना की जाए वह कम है।

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Edited By: Prateek Kumar

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