विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Radhika Murder Case: बेटी की कमाई खाने का ताना मारने वाली बात में कितनी है सच्चाई? पुलिस ने कई लोगों से की पूछताछ

Published: Sun, 13 Jul 2025 09:50 PM (IST)

गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या के मामले में पुलिस अभी तक सटीक कारण का पता नहीं लगा ...और पढ़ें

राधिका हत्याकांड: हत्या के मूल कारणों से अंधेरे में पुलिस।
राधिका हत्याकांड: हत्या के मूल कारणों से अंधेरे में पुलिस।

HighLights

  1. सेक्टर 56 थाना पुलिस टीम ने गांव के 35 से ज्यादा लोगों को थाने बुलाकर की पूछताछ
  2. सभी ने ताने देने वाली बात नकारी, कहा-अब गांव में पहले जैसा माहौल नहीं रहा, सब अच्छा कमा खा रहे
  3. रिमांड के दौरान आरोपित पिता ने कुछ गोलियां कासन में रखे होने की बात कही थी, वहां से कुछ भी नहीं मिला

विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। नेशनल टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की उनके पिता द्वारा गुरुवार को चार गोलियां मारकर हत्या करने के चार दिन बाद भी अभी सटीक कारण सामने नहीं आ पाए हैं। जो बात पिता दीपक ने पुलिस बयान में बताई थी कि गांव वाले उसे बेटी की कमाई खाने का ताना मारते थे और गिरा हुआ बाप कहते थे।

इस बात की जड़ में जाने के लिए थाना पुलिस ने वजीराबाद गांव के कई लोगों को थाने बुलाया था और उनसे पूछताछ की। किसी ने भी इस बात में कोई सच्चाई नहीं बताई। इससे दीपक की उस थ्योरी पर विश्वास करना मुश्किल है। वहीं पुलिस भी हत्या के मूल कारणों से फिलहाल अंधेरे में है।

ताना मारने वाले लोगों के नाम पूछ रही पुलिस

पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना पुलिस ने एक दिन के रिमांड के दौरान दीपक से उन लोगों के नाम भी पूछे थे, जो इस तरह का ताना मारते थे। लेकिन वह किसी का नाम भी नहीं बता पाया था। इस पर पुलिस टीम ने इन दो दिनों के दौरान गांव के 35 से ज्यादा लोगों को थाने बुलाया। सभी से दीपक और राधिका के व्यवहार के बारे में जानकारी ली गई।

गांव के लोगों ने पुलिस को बताया कि दीपक अपनी बेटी राधिका का काफी ख्याल रखता था। उसने बेटी का करियर उस मुकाम पर पहुंचाया, जहां बेटी ने गांव का नाम हरियाणा के साथ देशभर में रोशन किया। गांव के लोगों ने भी बेटी पर गर्व होने की बात कही। यह भी कहा कि अब गांव काफी संपन्न है। गांव पुराने माहौल वाला नहीं रहा। अब सब कमा खा रहे हैं। किसी के पास इतना समय नहीं है कि कोई किसी के बारे में बात करे।

कुछ रिश्तेदारों को भी शनिवार को बुलाया

पुलिस ने दीपक से सच उगलवाने के लिए कुछ रिश्तेदारों को भी शनिवार को बुलाया था। बातचीत के दौरान सभी ने इस बारे में पूछताछ की। लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। जब कोई आता था तो वह भावुक हो जाता था। इसके बाद फिर नार्मल हो जाता था। रिमांड के दौरान शनिवार को उसे मानेसर के कासन गांव भी ले जाया गया था। यहां इसके खेत हैं। मकान भी बना है। उसने बताया था कि वहां इसने कुछ गोलियां छिपा रखी हैं। लेकिन वहां से कुछ भी बरामद नहीं हुआ था।

सेक्टर 56 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि दीपक ने थाने में रिमांड के दौरान दोनों समय खाना खाया था। खाना थाने की तरफ से ही दिया गया था। हत्या के बाद पुलिस टीम ने गुरुवार को ही घर में आरोपित से सीन रीक्रिएट कराया था। पूछा था कि उसने गोली कैसे मारी थी। फिलहाल आरोपित दीपक यादव भोंडसी जेल में है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। आरोपित के बयानों को लेकर लोगों से पूछताछ की जा रही है।

यह भी पढ़ें- Radhika Yadav Murder Case : गांव वालों ने ताने वाले दावे पर साधी चुप्पी, रिश्तेदारों को देख भावुक हो रहा दीपक