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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मिट्टी के बर्तन का बढ़ेगा कारोबार, महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

Published: Thu, 14 Aug 2025 10:37 PM (IST)

गुरुग्राम में प्रजापति समाज को पारंपरिक कारोबार के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। उपायुक्त अजय कुमार ने 68 परिवारों ...और पढ़ें

गुरुग्राम प्रजापति समाज को भूमि आवंटन, महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा। फाइल फोटो
गुरुग्राम प्रजापति समाज को भूमि आवंटन, महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा। फाइल फोटो

HighLights

  1. 68 परिवारों को भूमि प्रमाण पत्र वितरित |
  2. महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा |
  3. पारंपरिक कारोबार को मिलेगा प्रोत्साहन |

महावीर यादव, बादशाहपुर (गुरुग्राम)। प्रजापति समाज को अपने पारंपरिक कारोबार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उपायुक्त अजय कुमार ने ऐसे 68 परिवारों को भूमि के प्रमाण पत्र भी वितरित कर दिए हैं।

मिट्टी के बर्तन बनाने का कारोबार बढ़ेगा तो यह महिला सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम होगा। प्रजापति समाज की महिलाओं का मिट्टी के बर्तन आदि बनाने में बड़ा योगदान रहता है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रजापति समाज के पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने समाज को मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

प्रजापति समाज में विशेषकर महिलाएं मिट्टी के बर्तन, कुल्हड़, दीये और अन्य पारंपरिक वस्तुएं बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। भूमि मिलने से इनके उत्पादन कार्य में तेजी आएगी और इनका कारोबार नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

इससे न केवल पारंपरिक कला का संरक्षण होगा, बल्कि महिला स्वावलंबन और सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम समाज की आर्थिक स्थिति सुधारने और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री की यह पहल न केवल प्रजापति समाज को सशक्त बनाएगी, बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को भी संजोए रखने में मददगार होगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बीते दिनों महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती में योजना की घोषणा की थी। इस योजना को तुरंत ही अमलीजामा पहनाकर समाज को भूमि के प्रमाण पत्र वितरित करने का काम भी कर दिया।

रेणु प्रजापति, खंडेलवाल

मिट्टी के बर्तन तैयार करने के इस परंपरागत कार्य में समाज की महिलाओं का भी बड़ा योगदान रहता था। अब फिर से कारोबार आम धारा में आएगा। तो समाज की महिलाएं भी स्वावलंबी बन सकेंगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर कदम होगा।

उर्मिला प्रजापति, पटौदी

मिट्टी के बर्तन तैयार करने और उनको पकाने के लिए आवा लगाने के लिए जमीन नहीं होने के कारण प्रजापति समाज हाशिए पर चला गया था। परंपरागत कारोबार लगभग खत्म सा हो गया था। अब नई उम्मीद जगी है।

सीमा देवी प्रजापति, भोड़ा खुर्द

प्रजापति समाज के उत्थान के लिए इस योजना को शीघ्रता से प्रदेश में धरातल पर साकार किया गया। सरकार के इस फैसले से प्रजापति समाज को अपने कारोबार को बढ़ाने का बड़ा सहारा मिलेगा।

कुसुम प्रजापति, गुरुग्राम