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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पिता की हैवानियत की शिकार बेटियों की काउंसलिंग कराएगी बाल कल्याण समिति, सामने आएगी मामले की सच्चाई

Published: Sun, 14 Sep 2025 10:56 AM (IST)

गुरुग्राम में बाल कल्याण समिति अपने पिता की हैवानियत का शिकार हुई बेटियों की काउंसिलिंग कराएगी। समिति पहले पुलिस से ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। सौजन्य- जागरण ग्राफिक्स
सांकेतिक तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। सौजन्य- जागरण ग्राफिक्स

HighLights

  1. उद्योग विहार थाने से जानकारी लेगी समिति |
  2. आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में लिया |

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। अपने ही पिता की हैवानियत की शिकार बेटियों की एक सप्ताह बाद काउंसिलिंग बाल कल्याण समिति कराएगी। समिति पहले उद्योग विहार थाने से पूरी जानकारी हासिल करेगी। फिर बेटियों को बुलाकर काउंसलर से काउंसिलिंग कराएगी।

इसका मुख्य उद्देश्य उसकी मानसिक स्थिति को ठीक करना है। वैसे शिकायत सामने आते ही एक बार काउंसिलिंग कराई जा चुकी है। शिकायत सामने आते ही काउंसिलिंग कराने का मुख्य उद्देश्य मामले की सच्चाई जानना होता है।

यह पता लगाना होता है कि कहीं किसी से प्रेरित होकर तो आरोप नहीं लगाए गए हैं। पहली काउंसिलिंग के मुताबिक बेटियां अपने पिता से परेशान थीं। उद्योग विहार थाना पुलिस ने भी आरोपित को गिरफ्तार करने के बाद आगे की जांच शुरू कर दी है।

हमेशा नशे में रहता था आरोपित

प्रारंभिक छानबीन के मुताबिक आरोपित हमेशा नशे में रहता था। वह पत्नी व बच्चों की बात-बात पर पिटाई कर देता था। उसकी हरकत से परेशान होकर पड़ाेसियों ने उससे बातचीत तक बंद कर दी थी। किसी से भी लड़ने को हमेशा तैयार रहता था।

पत्नी व बच्चे यदि मना करते थे तो उनकी पिटाई कर देता था। इस वजह से पत्नी व बेटियों ने टोकना बंद कर दिया था। इसके बाद भी बिना बात के भी वह पिटाई कर देता था। बताया जाता है कि इसी वजह से बेटियों के साथ उसकी हरकत की शिकायत सामने नहीं आई।

मां को पता थी पति की शर्मनाक करतूत

मां जानती थी, लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हुई। वह बेटियों का साथ नहीं दे सकी। बड़ी बेटी ने तो परेशान होकर स्कूल जाना बंद कर दिया था। छोटी बेटी स्कूल में गुमसुम रहती थी। ऐसा देख स्कूल की टीचर ने उससे पूछताछ की। काफी समझाने के बाद उसने आपबीती बताई।

फिर शिकायत पुलिस तक पहुंची। आरोपित का परिवार में आतंक इतना था कि पुलिस के पहुंचने के बाद भी पत्नी या बेटियां कुछ बोलने को तैयार रहीं थीं। जब आरोपित को पुलिस ने हिरासत में ले लिया फिर पत्नी ने बयान दिया।

इलाके के सहायक पुलिस आयुक्त धर्मबीर सिंह का कहना है कि आरोपित हमेशा नशे में रहता था। वह पत्नी व बच्चों की पिटाई करता रहता था। इस वजह से उसकी हरकत लंबे समय तक सामने नहीं आई।

इधर, बाल कल्याण समिति की सदस्य उपासना सचदेव का कहना है कि यह मामला काफी गंभीर है। बेटियों की काउंसिलिंग कराई जाएगी। काउंसिलिंग से पीड़ित को मुख्यधारा में लाने का प्रयास होता है।