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Gurugram: मोदी मंत्रिमंडल में राव इंद्रजीत सिंह की हैट्रिक, कुछ ऐसा रहा है हरियाणा के इस नेता का राजनीति सफर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दोस्त राव इंद्रजीत सिंह को मंत्रिमंडल में लगातार तीसरी बार जगह दी है। इस तरह राव इंद्रजीत ने केंद्र में मंत्री बनने की हैट्रिक लगा दी। लगातार पांच बार संसद पहुंचने का भी उन्होंने रिकॉर्ड बनाया है। यह नहीं वह हरियाणा के पहले नेता हैं जो छह बार संसद भवन पहुंचे हैं। उन्हें मंत्री बनाए जाने पर इलाके के लोगों में खुशी का माहौल है।

By Aditya Raj Edited By: Geetarjun Published: Sun, 09 Jun 2024 11:07 PM (IST)Updated: Sun, 09 Jun 2024 11:07 PM (IST)
मोदी मंत्रिमंडल में राव इंद्रजीत सिंह की हैट्रिक।

आदित्य राज, गुरुग्राम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दोस्त राव इंद्रजीत सिंह को मंत्रिमंडल में लगातार तीसरी बार जगह दी है। इस तरह राव इंद्रजीत ने केंद्र में मंत्री बनने की हैट्रिक लगा दी। लगातार पांच बार संसद पहुंचने का भी उन्होंने रिकॉर्ड बनाया है। यह नहीं वह हरियाणा के पहले नेता हैं, जो छह बार संसद भवन पहुंचे हैं।

उन्हें मंत्री बनाए जाने पर इलाके के लोगों में खुशी का माहौल है। सभी मानना है कि क्षेत्र में जो विकास कार्य अधूरे हैं, सभी अब जल्द पूरे होंगे।

जंग-ए-आजादी के नायक रहे राव तुलाराम के वंशज राव इंद्रजीत सिंह ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत 1977 में जाटूसाना विधानसभा से की थी। पहले चुनाव में ही जीत हासिल कर उन्होंने चुनावी राजनीति के क्षेत्र में दमदार तरीके से प्रवेश किया था। वह चार बार जाटूसाना से विधायक रहे।

वह हरियाणा सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वन एवं पर्यावरण, चिकित्सा एवं तकनीकी शिक्षा सहित कई विभागों के मंत्री रहे। 1998 में उन्होंने संसदीय राजनीति शुरू की। महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर पहले ही चुनाव में विजयी हुए।

हालांकि अगले साल यानी 1999 में हुए चुनाव में उन्हें कारगिल लहर की वजह से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2004 में दोबारा महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुने गए। पहली बार केंद्र की डा. मनमोहन सिंह सरकार में विदेश राज्यमंत्री बने। कुछ समय तक उन्होंने केंद्रीय रक्षा उत्पादन राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली।

2008 में गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया। इसके बाद 2009 में हुए चुनाव में उन्होंने तीसरी बार जीत हासिल की। प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से संबंध बेहतर न होने पर वह 2014 के चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

भाजपा ने उन्हें 2014 के चुनाव में गुड़गांव से उतार दिया। वह विजयी हुए। इसके बाद 2019 के चुनाव में वह लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विजयी हुए। वर्ष 2024 का चुनाव जीतकर वह संसद में छह बार पहुंचने वाले पहले नेता बन गए। वह मोदी के पहले दोनों कार्यकाल में भी मंत्री रहे। तीसरे कार्यकाल में उन्हें जगह दी गई है।

राजनीतिक जीवन का सबसे कड़ा संघर्ष किया

इस बार लोकसभा चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन का सबसे कड़ा संघर्ष किया। स्थानीय समस्याओं को जनता के सामने रखकर कांग्रेस प्रत्याशी राज बब्बर ने उन्हें काफी घेरने का प्रयास किया। मतगणना के दौरान दोपहर तक वह पिछड़ते रहे। कई बार ऐसा लगा जैसे जीत उनसे दूर जा रही है लेकिन अंतत जीत का सेहरा उनके सिर बंधा। जीत के साथ ही तय हो गया था कि मंत्रिमंडल में उन्हें जगह मिलनी तय है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उनकी इलाके में पकड़ के कायल बताए जाते हैं। सभाओं में उन्हें अपना दोस्त कहकर बुलाते हैं।

अगले पांच साल में क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद

इलाके के लोगों को उम्मीद है कि अगले पांच साल के दौरान सभी अधूरे विकास कार्य पूरे कराएंगे। पुराने गुरुग्राम में मेट्रो का विस्तार, दिल्ली से अलवर तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कारिडोर, हरियाणा आर्बिटल रेल कारिडोर, गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे के ऊपर काम तेजी से होने की उम्मीद है। इनके अलावा जिला नागरिक अस्पताल का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

सेक्टर-40 निवासी इंजीनियर हरमेश राणा एवं दिग्विजय सिंह कहते हैं कि इस बार मोदी सरकार विकास कार्यों की झड़ी लगा देगी। स्थानीय मुद्दों के कारण भाजपा को काफी सीटें कम आई हैं। अगली बार ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए न केवल मोदी पहले से भी अधिक ताकत झोकेंगे, बल्कि अपनी राज्य सरकारों से भी काम कराएंगे।

राव इंद्रजीत सिंह का जीवन परिचय व राजनीतिक सफर

नाम : राव इंद्रजीत सिंह

पिता : स्व. राव बिरेंद्र सिंह

जन्मतिथि : 11 फरवरी 1950

जन्म स्थान : रेवाड़ी

शादी की तिथि : छह दिसंबर 1976

शिक्षा : बीए, एलएलबी

पत्नी : मनीता सिंह

राजनीतिक जीवन

  • जाटूसाना से विधायक : 1977-1982, 1982-1987, 1991-1996 एवं 2000-2004
  • प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री : 1986-1987
  • प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री : 1991-1996

महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र की राजनीति

  • महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से 1998 में पहली बार चुनाव जीता
  • 1999 के चुनाव में भाजपा की डॉ. सुधा यादव से हार गए
  • 2004 में महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से फिर जीत हासिल की

गुड़गांव संसदीय क्षेत्र की राजनीति

  • वर्ष 2009 से लेकर 2024 तक लगातार चार बार गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र से चुनाव में जीत
  • केंद्र में मंत्री रहे
  • पहली बार केंद्र की डा. मनमोहन सिंह सरकार में विदेश राज्यमंत्री बने। कुछ समय तक उन्होंने केंद्रीय रक्षा उत्पादन राज्यमंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली।
  • नरेन्द्र मोदी की सरकार में शहरी विकास, योजना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन, कारपोरेट सहित कई मंत्रालयों में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस बार फिर उन्हें राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है।

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