यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली-NCR की इस हाईटेक सिटी पर बड़ा संकट, लगातार बिगड़ रहे हालात; लोगों ने उठाई ये मांग
गुरुग्राम के डीएलएफ इलाके में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था चरमरा गई है। नगर निगम के तीन दिनों से कूड़ा न उठाने ...और पढ़ें

HighLights
- डीएलएफ में कूड़ा प्रबंधन चरमराया
- निगम की अनुपस्थिति से संकट गहराया
- आरडब्ल्यूए ने संभाला मोर्चा
संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। गुरुग्राम में डीएलएफ फेज-1 से चार में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नगर निगम गुरुग्राम की टीम बीते तीन दिनों से कूड़ा उठाने नहीं पहुंची, जिससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
वहीं, हालात की गंभीरता को देखते हुए डीएलएफ सिटी आरडब्ल्यूए को खुद मोर्चा संभालना पड़ा है। कॉलोनी की रखरखाव एजेंसी डीएलएफ एस्टेट डेवलपर्स लिमिटेड के सहयोग से ट्रेक्टर लगाकर घरों से कूड़ा उठवाया जा रहा है।
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आरडब्ल्यूए के प्रवक्ता मनीष धवन ने बताया कि डीएलएफ स्टाफ की मदद से ट्रैक्टर और मैनपावर लगाकर घरों से कूड़ा इकट्ठा करना शुरू किया है। हालांकि, एक बड़ी चुनौती यह है कि यह कूड़ा फिलहाल डीएलएफ फेज-दो के एन-1 लेन के पास डंप किया जा रहा है, जिससे इलाके में गंदगी फैलने का खतरा बढ़ गया है। अन्य फेजों में भी इसी तरह से डंपिंग की जा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। लगातार तीन दिनों से नगर निगम की अनुपस्थिति ने यह साफ कर दिया है कि स्वच्छता को लेकर नगर निगम की प्राथमिकताएं क्या हैं।
डीएलएफ सिटी आरडब्ल्यूए अब नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क कर इन अस्थायी डंपिंग प्वाइंट्स को साफ करवाने और नियमित कूड़ा संग्रहण बहाल करने की मांग कर रही है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान, नियमित कूड़ा संग्रहण और निगम की जवाबदेही तय की जाए।
