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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुरुग्राम को डूबने से बचाने का खाका तैयार, सीपीआर के साथ तैयार हुई ड्रेन; लेग चार ड्रेन से होगी कनेक्ट

By Sandeep KumarEdited By: Shyamji Tiwari
Published: Tue, 26 Sep 2023 10:47 PM (IST)

गुरुग्राम शहर को डूबने से बचाने का खाका तैयार हो गया है। नई मुख्य ड्रेन का निर्माण शुरू करने के ...और पढ़ें

गुरुग्राम को डूबने से बचाने का खाका तैयार, सीपीआर के साथ तैयार हुई ड्रेन
गुरुग्राम को डूबने से बचाने का खाका तैयार, सीपीआर के साथ तैयार हुई ड्रेन

गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। मानसून के दिनों में गुरुग्राम शहर को डूबने से बचाने का खाका तैयार हो गया है। नई मुख्य ड्रेन का निर्माण शुरू करने के साथ ही इनकी कनेक्टिविटी नए गुरुग्राम के सेक्टरों के बरसाती नालों से की जा रही है। आगामी दो वर्षों में उम्मीद है कि भारी वर्षा के दौरान बड़े स्तर पर जलभराव जैसी परेशानियां शहरवासियों को नहीं झेलनी होगी।

एनएचएआई ने नवनिर्मित सीपीआर यानी सेंट्रल पेरिफेरल रोड के साथ ड्रेन का निर्माण पूरा कर लिया है। यह ड्रेन द्वारका एक्सप्रेस वे के साथ-साथ पहले से ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई ड्रेन से कनेक्ट की गई है। यह ड्रेन सीपीआर से द्वारका एक्सप्रेस वे के साथ-साथ होते हुए आगे रेलवे कल्वर्ट तक है।

ड्रेन के निर्माण पर 93 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, इसमें गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथारिटी (जीएमडीए) और एनएचएआइ द्वारा 50-50 प्रतिशत बजट खर्च हुआ है। ड्रेन निर्माण की एवज में जीएमडीए एनएचएआइ को आधा बजट यानी 46.5 करोड़ रुपये देगा।

नए गुरुग्राम के सेक्टर 68 से 80 तक मिलेगी

नए गुरुग्राम के सेक्टरों में पिछले पांच साल में तेजी से आबादी बढ़ी है, लेकिन जलनिकासी के बेहतर इंतजाम नहीं होने से परेशानी हो रही थी। नवनिर्मित ड्रेन से इन सेक्टरों से आसानी से जलनिकासी हाे जाएगी और लोगों को मानसून के दिनों में जलभराव की परेशानी को नहीं झेलना होगा।

लेग चार का हिस्सा है सीपीआर ड्रेन

बादशाहपुर ड्रेन यानी लेग तीन पर पानी का दबाव कम करने और ड्रेन को ओवरफ्लो होने से बचाने तथा शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जीएमडीए ने दिल्ली-जयपुर हाईवे से वाटिका चौक तक लेग चार का निर्माण शुरू कर दिया है। लेग चार से सीपीआर के साथ नवनिर्मित ड्रेन को कनेक्ट कर दिया जाएगा, जिससे नजफगढ़ ड्रेन तक नए सेक्टरों से जलनिकासी हो जाएगी। लेग चार ड्रेन 5.2 किलोमीटर लंबी होगी और इस पर 105 करोड़ रुपये खर्च हाेंगे।

सीपीआर के साथ एनएचएआइ ने ड्रेन निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इधर, जीएमडीए ने भी लेग-चार का निर्माण शुरू कर दिया है, जिससे मानसून के दिनों में शहर में होने वाले जलभराव से काफी राहत मिलेगी।- राजेश बंसल, मुख्य अभियंता जीएमडीए