गुरुग्राम में वर्ष 2025 में सड़क हादसों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी, मौतों की संख्या भी 25 ज्यादा
गुरुग्राम में 2025 में सड़क हादसों में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें 2024 की तुलना में 25 अधिक मौतें हुईं। कुल 1115 हादसों में 475 लोगों की जान गई ...और पढ़ें

विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। ट्रैफिक पुलिस की ओर से साल भर यातायात नियमों को लेकर जागरूकता के बाद भी सड़क हादसों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2024 के मुकाबले 2025 में न सिर्फ सड़क हादसों की संख्या बढ़ी है, मौतों का अांकड़ा भी बढ़ा है। 2025 में 1115 सड़क हादसों में 475 लोगों की जान चली गई। ट्रैफिक पुलिस को सड़क हादसों में कमी लाने के लिए इस साल अभी से ही जुटना होगा। तभी इस पर लगाम लगाई जा सकती है।
आंकड़ों के मुताबिक जहां 2024 में 448 लोगों की जानें सड़क हादसें में गई थीं। वहीं 2025 में यह संख्या 27 बढ़कर 475 पहुंच गई। जगह-जगह अवैध कट, सड़कों पर अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहन, रोशनी की कमी और रोड डिजाइन में खामी की वजह से जिले में 15 से ज्यादा ब्लैक स्पाट बने हुए हैं।
हाईवे पर बने इन ब्लैक स्पाट पर ही अधिकतर सड़क हादसे हुए हैं। यातायात पुलिस ने सड़क हादसों में कमी लाने के लिए कई स्तर पर अभियान चलाए। 2025 में 21 लाख से ज्यादा चालान नियमों के उलंघन में किए गए। पिछले साल चालान की संख्या 13 लाख 88 हजार रही थी।
चालान में सख्ती होने के बावजूद सड़क हादसों में कमी नहीं आई। ज्यादातर हादसे ओवर स्पीड में चलने के कारण ही होते हैं। हर साल होने वाले सड़क हादसों में आधे से ज्यादा दिल्ली जयपुर हाईवे पर होते हैं। इसकी तस्वीर भी काफी खतरनाक है। आंकड़ों से सबक लेते हुए वर्ष 2026 को और अधिक सुरक्षित बनाने का संकल्प लेने की आवश्यकता है।
पिछले चार साल में हुईं दुर्घटनाएं
| वर्ष | हादसे | घायल | मौत |
|---|---|---|---|
| 2021 | 944 | 845 | 377 |
| 2022 | 1040 | 886 | 404 |
| 2023 | 1172 | 874 | 494 |
| 2024 | 1019 | 750 | 448 |
| 2025 | 1115 | 770 | 475 |
जिले में ब्लैक स्पॉट
कापड़ीवास, मन्नत ढाबा, राठीवास, बिलासपुर चौक, भारत पेट्रोल पंप बिनौला, बिनौला फ्लाइओवर, पंचगांव, एनएसजी-मानेसर घाटी, मानेसर बस स्टैंड, रामपुरा फ्लाइओवर, वाटिका चौक एनएच-48, खांडसा फुटओवरब्रिज, बेरीवाला बाग, एटलस फुटओवरब्रिज, शंकर चौक के पास, एंबियंस माल से सिरहौल बार्डर।
वर्ष-2025 में ट्रैफिक पुलिस ने किए कार्य
- शंकर चौक पर ट्रैफिक इंजीनियरिंग टीम की सहायता से कई चरणों में सुधार किए गए
- राजीव चौक सहित अन्य स्थानों पर अंडरपास, सड़क मरम्मत, दिशा सूचक बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, बोलार्ड, जर्सी एवं प्लास्टिक बैरियर लगाए गए।
- ट्रैफिक पार्क सेक्टर-29 में हीरो मोटोकार्प के सहयोग से 120 पाठशालाएं लगाई गईं, लगभग 3100 ड्राइवरों को प्रशिक्षित किया गया।
- सुरक्षा रथ के माध्यम से 944 कार्यक्रम किए गए, करीब 58,000 नागरिकों को जागरूक किया गया।
- एनएच-48 व द्वारका एक्सप्रेसवे पर एआइ आधारित हाई-टेक कैमरे लगाए गए।
- ट्रैक्टर-ट्रॉली, मालवाहक वाहनों, रिक्शा आदि पर 10,000 रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए।
- स्कूल बसों पर विशेष अभियान के तहत रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए
- सीनियर सिटीजन वाहनों पर विशेष स्टीकर लगाए गए।
- ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए विशेष यातायात नाके लगाए गए।
- सड़क सुरक्षा के लिए करीब 800 गहरे गड्ढे भरवाए गए। 20 से ज्यादा अवैध कट बंद कराए गए।
यातायात पुलिस सड़क हादसों को लेकर गंभीर है। इसमें कमी लाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। यातायात नियमों का पालन करना न केवल हमारी, बल्कि दूसरों की जान बचाने का माध्यम है। यातायात पुलिस मानव जीवन की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है और नागरिकों से अपील करती है कि वे नियमों का पालन कर सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग करें।
-डा. राजेश माेहन, डीसीपी ट्रैफिक

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