फतेहाबाद में स्कूलों के बाहर आवारा कुत्तों पर सरकार का सख्त रुख, 15 दिन में समाधान के निर्देश
प्रदेश सरकार ने फतेहाबाद में स्कूलों के बाहर आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं के बढ़ते हमलों पर सख्त रुख अपनाया है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिक ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। प्रदेश सरकार ने आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं के बढ़ते हमलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। खासतौर पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकारी और निजी स्कूलों के बाहर आवारा कुत्तों की मौजूदगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सर्दकालीन अवकाश के बाद जैसे ही स्कूल खुलेंगे, वैसे ही जिला प्रशासन, नगर परिषद और शिक्षा विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से निगरानी शुरू करेंगे। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 15 दिन के भीतर सभी स्कूलों के आसपास आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सात दिन के भीतर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से स्टेट रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में स्कूलों के बाहर आवारा कुत्तों की स्थिति, अब तक किए गए इंतजाम और आगे की कार्ययोजना का विस्तृत ब्यौरा देना होगा। इसके बाद जिला स्तर पर समीक्षा बैठक कर लापरवाह अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डॉग बाइट के बढ़े अधिक मामले
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नगर परिषद की ओर से शहर में कुत्तों के बधियाकरण (स्टरलाइजेशन) का कार्य चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद इनकी संख्या कम होने के बजाय बढ़ती नजर आ रही है। कई कालोनियों, बाजारों और स्कूलों के बाहर कुत्तों के झुंड देखे जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों में डर का माहौल बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी हालात की गंभीरता बयां कर रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में हर दिन 15 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या भी कम नहीं है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि समय पर वैक्सीन न लगे तो रेबीज जानलेवा साबित हो सकता है,
ऐसे में रोकथाम ही सबसे बेहतर उपाय है। प्रशासन ने नगर परिषद को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के आसपास विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ा जाए और उन्हें शेल्टर होम में भेजा जाए। साथ ही बधियाकरण और टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
| क्रम संख्या | सेंटर | मामले | वैक्सीन लगी |
|---|---|---|---|
| 1 | सीएमओ फतेहाबाद | 14639 | 14639 |
| 2 | पीएचसी कुलां | 74 | 320 |
| 3 | पीएचसी म्योंदकलां | 15 | 45 |
| 4 | पीएचसी एमपी रोही | 199 | 106 |
| 5 | पीएचसी समैन | 64 | 40 |
| 6 | एसएमओ भट्टू | 4041 | 4041 |
| 7 | सीएचसी बड़ोपल | 955 | 955 |
| 8 | सीएचसी जाखल | 946 | 2791 |
| 9 | एसएमओ जीएच रतिया | 2856 | 2856 |
जानवर में रेबीज होने पर लक्षण
- मुंह से लार टपकती रहती है और बेचैन रहता है।
- आमतौर पर लोगों को काटने दौड़ता है।
- जानवर को सांस लेने में दिक्कत होती है।
- ग्रस्त जानवर की दस दिन के अंदर मौत हो सकती है।
ऐसे करें उपचार
- काटे हुए जगह पर 10 से 15 मिनट तक लगाएं साबुन
- एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं।
- घर पर उपचार कम और चिकित्सकों से सलाह अवश्य ले।
स्कूल संचालकों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके लिए सभी निजी व प्राइवेट स्कूलों को पत्र जारी कर दिया है। गांवों के स्कूल के बाहर आवारा कुत्ते है तो पंचायत से संपर्क कर इसकी व्यवस्था करें।
संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी।

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