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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फरीदाबाद से सीधे होगी नोएडा एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी, इस सड़क को किया जाएगा चकाचक

Published: Tue, 14 Jan 2025 05:25 PM (IST)

Noida International Airport मोहना पुल और उससे जुड़ी सड़क को बेहतर बनाने की योजना बनाई गई है। इस पुल का ...और पढ़ें

Noida News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेहतर होगी कनेक्टिविटी। फाइल फोटो
Noida News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेहतर होगी कनेक्टिविटी। फाइल फोटो

HighLights

  1. मोहना पुल और सड़क का होगा कायाकल्प।
  2. यमुना नदी पर मोहना पुल और इससे जुड़ी सड़क बनेगी।

प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद।Noida International Airport Connectivity: औद्योगिक नगरी की नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक और कदम बढ़ाया जा रहा है। मोहना पुल (Mohna Bridge) और इससे जुड़ी करीब 2.90 किलोमीटर सड़क को चकाचक किया जाएगा। उत्तर प्रदेश से कनेक्टिविटी के लिए यह पुल अहम है।

जिले में केवल यही एकमात्र और पहला पुल है तो यमुना नदी पर बना है। दो लेन पुल पर 2002 से आवागमन हो रहा है। लेकिन इसे कनेक्ट सड़क की हालत ठीक नहीं है। जगह-जगह से जर्जर हो गई है। हजाराें वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।

इसलिए अब लोक निर्माण विभाग ने सड़क को दुरुस्त करने की योजना तैयार की है। मोहना बस स्टैंड से लेकर पुल के आगे आधा किलोमीटर तक सड़क बनाई जाएगी। इसका बजट करीब पौने तीन करोड़ रुपये आंका गया है। बजट स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया है।

पंटून पुल की जगह बनाया था पक्का पुल

मोहना गांव में 2002 से पहले पंटून पुल लगता था। लेकिन मानसून में इसे हटाना पड़ता है। इससे यमुना नदी पार जाने वाले लोगों को बड़ी दिक्कत होती थी। इसलिए उस समय की सरकार ने पुल निर्माण शुरू किया। 2002 में पुल बनकर तैयार हो गया। पुल को पार करते ही नदी पार मोहना गांव का रकबा है।

इससे आगे पहला बागपुर गांव है। फिर सोलडा, भोलडा और शेखपुर गांव हैं। उत्तर प्रदेश की सीमा का पहला फरेदा गांव है। मोहना पुल का प्रयोग कर इन गांव से होता हुआ यातायात जेवर की ओर जाता है। जेवर उत्तर प्रदेश का कसबा है। यहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी बन रहा है जिसे नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम दिया गया है।

यातायात का है अत्यधिक दबाव

इस पुल और कनेक्ट सड़क पर यातायात का अत्यधिक दबाव है। आसपास के 35 से अधिक गांव के हजारों लोगों का इसी पुल से आवागमन हो रहा है। यहां से भारी वाहन भी आते-जाते हैं जिससे सड़क जल्दी टूट जाती है।

जैसे ही एयरपोर्ट शुरू हो जाएगा तो इस सड़क पर यातायात का और दबाव होगा। हालांकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से लिंक होकर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है जो सीधे एयरपोर्ट तक जा रहा है। लेकिन मोहना पुल की सड़क भी एयरपोर्ट से सीधे कनेक्ट है।

लोक निर्माण विभाग ने इस सड़क पर कई बार पेचवर्क किया है लेकिन बार-बार टूट जाती है। इसलिए अब इस पर विशेष परत डाली जाएगी। जिससे वाहन चालकों को राहत मिलेगी।

पुल के बेरिंग बदले जाएंगे

यातायात के दबाव को देखते हुए मोहना पुल के बेयरिंग भी बदलने की योजना है ताकि कोई दिक्कत न हो। वैसे भी किसी पुल के बेयरिंग करीब 15 साल बाद तो बदल जाने चाहिए लेकिन यहां ऐसा नहीं हो सका है। पुल को बने हुए 23 साल हो गए हैं।

इस पुल के नीचे जितने भी पिलर हैं, उन सभी पर बेयरिंग लगे हुए हैं। अब एक बार बदल दिए जाएंगे तो फिर 15 से 20 साल तक जरूरत नहीं होगी। विभाग की ओर से बेयरिंग बदलने का एस्टीमेट बनाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिया है।

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