यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फरीदाबाद में 200 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश, निगम के 20 अधिकारी-कर्मचारी और ठेकेदार आरोपित
एंटी करप्शन ब्यूरो ने फरीदाबाद नगर निगम के दो सौ करोड़ रुपये के घोटाले में अदालत में चालान पेश किया ...और पढ़ें

HighLights
- 200 करोड़ के घोटाले में 20 लोग आरोपित |
- एसीबी ने अदालत में पेश किया चालान |
- फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन का गबन |
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नगर निगम में हुए दो सौ करोड़ रुपये के घोटाला मामले में बुधवार को अदालत में चालान पेश किया है। पेश किए गए चालान में नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी समेत 20 व्यक्तियों को आरोपित बनाया गया है। मामले का खुलासा करने के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कोई भी कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
चालान में इनके नाम हैं दर्ज...
पेश चालान में ठेकेदार सतबीर सिंह, तत्कालीन सहायक कार्यकारी अभियंता दीपक कुमार, तत्कालीन कार्यकारी अभियंता रमन कुमार, तत्कालीन आउटसोर्सिंग कार्यकारी अभियंता राजन तवेतिया, तत्कालीन मुख्य अभियंता दौलत राम भास्कर , तत्कालीन क्लर्क नवीन रतरा, तत्कालीन अधीक्षक लेखा शाखा दीपा पब्बी, तत्कालीन अधीक्षक लेखा शाखा सीमा भाटिया, तत्कालीन अधीक्षक लेखा शाखा शशी आर्य, तत्कालीन आफिसर इंचार्ज अकाउंट लेखा शाखा सतीश कुमार, तत्कालीन लेखाधिकारी विशाल कौशिक, तत्कालीन आडिटर आडिट शाखा आरोपित जरीना, तत्कालीन आडिटर आडिट शाखा अमित, सुनील कुमार, राजेन्द्र सिंह, मनीश शर्मा, नवीन कुमार, संयुक्त निदेशक आडिट शाखा दीपक थापर, तत्कालीन आउट सोर्सिंग क्लर्क पंकज, प्रदीप कुमार को आरोपित बनाया गया है।
सरकारी राशि का गबन किया
एसीबी के अनुसार 2017 में आरोपित सतबीर सिंह ठेकेदार के साथ मिलीभगत करके बल्लभगढ़ के कुल 11 वार्ड नं. 8, 9, 10, 31, 33 से 40 में निर्माण कार्य के एक समान कीमत के 46 फर्जी बिल व दस्तावेज तैयार करके आरोपित सतबीर सिंह ठेकेदार की फर्मों में 2,25,53,749 रुपये का गलत भुगतान करके सरकारी राशि का गबन किया था।
