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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फरीदाबाद के लोग हो रहे जहरीले फलों का शिकार! कैसे लगेगी इस पर लगाम? अधिकारी कर रहे ये काम

By Anil Betab Edited By: Rajesh Kumar
Published: Sun, 20 Apr 2025 06:07 PM (IST)

फरीदाबाद में केमिकल युक्त रंग मिश्रित फलों और सब्जियों के सेवन से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। मंडियों ...और पढ़ें

रासायनिक रंगों से मिश्रित फलों के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ रहा है असर। फाइल फोटो
रासायनिक रंगों से मिश्रित फलों के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ रहा है असर। फाइल फोटो

HighLights

  1. 10 नमूनों की जांच कराएगी एफडीए
  2. संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। रासायनिक रंगों से मिश्रित फलों व सब्जियों के सेवन से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। शिकायतें मिल रही हैं कि मंडियों में आने वाले कई फलों व सब्जियों में रसायनों का प्रयोग किया जाता है। पपीता, आम, चीकू, तरबूज व सेब को पकाने व उनकी चमक बढ़ाने के लिए रसायनों का प्रयोग किया जाता है।

जांच के लिए 10 नमूने लिए

इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने फलों व सब्जियों के 10 नमूने लिए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। विभिन्न मंडियों से नमूने लेने की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र यादव ने की है।

एफडीए अधिकारियों के साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आशंका है कि गर्मियों में फलों की मांग बढ़ जाती है। इसलिए फलों को जल्दी पकाने के लिए रसायनों का प्रयोग किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फलों व सब्जियों के सेवन से संक्रमण व पेट संबंधी बीमारियां पनपती हैं।

पपीते को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड नामक रसायन का इस्तेमाल किया जाता है। फलों के साथ डिब्बे या बैग में कार्बाइड रखने से एसिटिलीन गैस निकलती है, जो फलों के पकने की प्रक्रिया को तेज कर देती है। कुछ लोग तरबूज को लाल दिखाने के लिए एरिथ्रोसिन जैसे रंग का इंजेक्शन लगाते हैं।

-डॉ. अरविंद कुमार, आयुर्वेदिक चिकित्सक, ईएसआईसी अस्पताल।

जिस तरह से बुखार और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, उससे लगता है कि फलों में केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन दिनों रक्त संक्रमण के मामले भी बढ़ गए हैं।

रक्त संक्रमण आमतौर पर दूषित भोजन के कारण होता है। कई बार सब्जी विक्रेता सब्जियों को गंदे पानी से धोते हैं।

जब लोग सब्जियां खरीदकर घर लाते हैं, तो उन्हें ठीक से धो नहीं पाते। ऐसी सब्जियां भी संक्रमण और बुखार का कारण बन सकती हैं।

-डॉ. ललित अग्रवाल, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति।

कच्चे फलों को पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि गड़बड़ी किस हद तक है। कई ऐसे केमिकल हैं जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। लोगों को जागरूक होना चाहिए। जब ​​भी फलों या सब्जियों में पानी डालें तो पहले उन्हें गुनगुने पानी में कुछ देर तक धो लें, ताकि केमिकल का असर कम हो सके।

-पृथ्वी सिंह, पदेन अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग।

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