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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ambala: होस्टल में मिले छोले भटूरों में कीड़ों का तड़का, सुधार न होने पर छात्राओं का आक्रोश भड़का; फिर हुआ कुछ ऐसा...

By Jagran NewsEdited By: Preeti Gupta
Published: Fri, 01 Dec 2023 12:30 PM (IST)

कल्पना चावला राजकीय पालीटेक्निक के होस्टल में मैस के खाने में कीड़ा निकल आया। दरअसल कुछ छात्राएं खाना खा रही ...और पढ़ें

होस्टल में मिले छोले भटूरों में कीड़ों का तड़का
होस्टल में मिले छोले भटूरों में कीड़ों का तड़का

उमेश भार्गव, अंबाला। Ambala News: छुट्टी का दिन और ब्रेक फास्ट में छोले-भटूरे, सुनते ही जी ललचा जाता है। जब ऐसा खाना होस्टल में मिले तो कहना ही क्या। लेकिन इस लजीज और स्वादिष्ट खाने में कीड़ों का तड़का लग जाए तो आक्रोश तय है।

कुछ ऐसा ही कल्पना चावला राजकीय पालीटेक्निक (Kalpana Chawla Government Polytechnic) में हुआ। कुछ छात्राएं खाना खा रही थी। इसी दौरान उन्होंने थाली में पड़े छोलों (worm in food) में कीड़े देखे तो सन्न रह गई।

छात्राओं ने होस्टल में खाना खाना छोड़ा

अब उनसे खाना न तो निगला जा रहा था न ही वह उसे उगल पा रही थी। कुछ छात्राओं ने देखते ही उल्टी कर दी जबकि कुछ ने विरोध के स्वर मुखर कर दिए। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

लिहाजा छात्राओं ने होस्टल में खाना ही बंद कर दिया। दो दिन इसी तरह बीत गए बुधवार को इस मामले में संस्थान की कमेटी का गठन किया गया और छात्राओं को मनाने का दौर शुरू हुआ।

छोले-भूटेरे में निकला कीड़ा

सभी विभागों के विभागाध्यक्ष स्थिति का संभालने मैस में पहुंचे और उन्होंने खुद खाना खाकर व ठेकेदार को चेतावनी जारी कर इस विवाद को शांत किया। हालांकि कल्पना चावला राजकीय पॉलिटेक्निक की प्रिंसिपल ने स्पष्ट करते हुए कहा कि वायरल वीडियो उनकी पॉलिटेक्निक का ही नहीं है।

जबकि इसी संस्थान की वार्डन ने छोले भटूरों में कीड़े पाए जाने की पुष्टि करते हुए विवाद को खत्म करने की बात कही। इसी तरह से एक वायरल वीडियो में छात्राएं दाल में और गोभी में भी कीड़े दिखा रही हैं। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो एमएलए होस्टल तक पहुंच गया। इसके बाद ही बुधवार को पॉलिटेक्निक प्रशासन ने मैस की जांच की।

जानिए क्या है पूरा मामला

राजकीय कल्पना चावला पॉलिटेक्निक में कंप्यूटर, ओएमसीए फा, इलेक्ट्रानिक्स, लाइब्रेरी सांइस, फार्मेसी और एमएलटी छह संकायों में डिप्लोमा करवाया जाता है। ऐसी छात्राएं जोकि दूसरे जिलों से हैं और रोजाना अप-डाउन नहीं कर सकती वह यहीं छात्रावास में रहती हैं। कुल करीब 120 छात्राएं ऐसी हैं जोकि यहां के छात्रावास की मैस में ही रोजाना खाना खाती हैं। इन्हीं छात्राओं के खाने में कीड़े मिले। रविवार को छोले-भटूरों में कीड़े पाए गए।

छोले में था काले रगं का कीड़ा

दरअसल जो छोले मैस चला रहे ठेकेदार ने प्रयोग किए थे उनमें ढोरा (काले रंग का कीड़ा ) लगा हुआ था। आमतौर पर सफेद छोलों को भिगोने के बाद ढोरा लगे छोले अलग से दिखाई देने लगते हैं। लेकिन किसी ने इसपर ध्यान हीं नहीं दिया और ढोरे वाले छोले ही बनाकर छात्राओं की थालियों में परोस दिए। मैस में रोजाना सुबह 8 से 9 बजे, दोपहर को एक से दो बजे तक और रात को साढ़े सात बजे से 09 बजे तक खाना चलता है।

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मामला शांत कराने के लिए पहले शिक्षकों ने चखा खाना

रोजाना भोजन चखने की ड्यूटी विवाद को शांत करने के लिए इस मामले में बुधवार को ब्रेकफास्ट में शिक्षकों ने ही पहले परांठे खाए और छात्राओं को पूरी तरह से आश्वस्त किया कि यह खाना सही है।

प्याज और गोभी के मैस में परांठे बनाए गए थे। इतना ही नहीं रोजाना नियमित रूप से एक-एक शिक्षक की ड्यूटी खाना खाकर उसका स्वाद चखने की लगाई गई। इतना ही नहीं पूरी मैस की चेकिंग भी की गई जो-जो कमियां पाई गई थी और छात्राओं ने जिन्हें इंगित किया था उन्हें भी दूर करवाया गया।

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