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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंबाला में गिरी घर की छत, मलबे में दबने से पति-पत्नी और बेटे की मौत; खिलौने और गुब्बारे बेचने का करते थे काम

Published: Thu, 01 May 2025 12:32 PM (IST)

हरियाणा (Haryana Roof Collapse) के अंबाला के मोती नगर में एक घर की छत गिरने से एक ही परिवार के ...और पढ़ें

हरियाणा में घर की छत गिरने से खाना खाने बैठे पिता-पुत्र और पत्नी की मौत।
हरियाणा में घर की छत गिरने से खाना खाने बैठे पिता-पुत्र और पत्नी की मौत।

HighLights

  1. अंबाला में घर की छत गिरी
  2. एक ही परिवार के तीन मरे
  3. हादसे के वक्त खा रहे थे खाना

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। Haryana Roof Collapse: मोती नगर डूंगी गोहर में बुधवार दोपहर बाद घर की छत गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। इनमें 34 वर्षीय राजू, 32 वर्षीय उसकी पत्नी अन्नू और पांच साल का बेटा नूर अहमद शामिल हैं।

जिस समय हादसा हुआ तीनों खाना खाने बैठे थे और सात वर्षीय बेटी खातिमा बाहर खेल रही थी। खाना खाने बैठे परिवार के तीनों सदस्यों के मुंह में अभी निवाला गया था कि छत उनके सिर पर गिर गई।

धड़ाम की आवाज सुनते ही आसपास के लोग वहां पर पहुंचे और मलबे में दबे सभी को बाहर निकाला और फिर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। शवों को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। आज यानी वीरवार को उनका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

अचानक गिर गई घर की छत

जानकारी के अनुसार मोती नगर (लायलपुर बस्ती) में आशा रानी जोकि मुस्लिम समुदाय से हैं, ने चंद्रमोहन से शादी की थी। चंद्रमोहन की काफी समय पहले मौत हो गई थी। आशा का बेटा राजू है और राजू ने आसाम की मुस्लिम समुदाय की अन्नू से शादी की थी।

यह परिवार खिलौने और गुब्बारे बेचने का काम करता था। बुधवार को रोजाना की तरह राजू गुब्बारे बेचकर दोपहर को घर आया था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जैसे ही राजू उसकी पत्नी अन्नू और बेटा नूर अहमद खाना खाने के लिए बैठे तो घर की छत जोकि कड़ियों वाली थी, अचानक गिर गई और तीनों ही मलबे के नीचे दब गए।

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हादसे के वक्त इनकी सात वर्षीय बेटी खातिमा घर से बाहर खेल रही थी और दादी आशा खिलौने बेचने के लिए गई हुई थी। आसपास के लोगों को जैसे ही धड़ाम की आवाज सुनाई दी तो लोग घरों से बाहर निकले।

तीनों को करंट भी लगा

इस दौरान परिवार के सदस्यों को मलबे के नीचे दबा देख अरुण, शिवानी, सोनिया, राकेश, अंजू और अभिषेक सहित करीब 15 लोगों ने एक-एक कर मलबे से तीनों को बाहर निकाला। तीनों की सांस उस समय थम चुकी थी। इसी दौरान किसी ने डायल 112 पर भी हादसे की सूचना दी।

सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और तीनों को जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृतकों की पुष्टि कर दी। बताया जा रहा है कि तीनों को छत गिरने के साथ-साथ करंट भी लगा क्योंकि खुली तार घर के मलबे में पड़ी हुई थी।

यूकेजी में पढ़ते थे दोनों भाई-बहन

सात वर्षीय खातिमा और उसका पांच साल का भाई नूर अहमद दोनों ही एसबी मिडिल स्कूल में यूकेजी में पढ़ते थे। करीब एक महीने पहले राजू और उसकी पत्नी दोनों के स्कूल में वार्षिक परिणाम जानने के लिए बच्चों के संग स्कूल में पहुंचे थे। दोनों भाई-बहन और माता-पिता बहुत खुश थे।

एसडीएम और पार्षद ने मौके पर पहुंचकर जाना हाल

सूचना मिलने के बाद शहर एसडीएम दर्शन सिंह और वार्ड पार्षद राजिंद्र कौर मौके पर पहुंचे और मौके का मुआयना किया। दोनों ने घटना पर शोक जाहिर किया। एसडीएम ने बताया कि घर की छत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है। घर काफी पुराना है जिसकी हालत ठीक नहीं है।

इसके अलावा शहर थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। वहीं, प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रेनू बेरी ने बताया कि एक बच्चे सहित कुल तीन लोगों को बुधवार दोपहर करीब तीन बजकर 50 मिनट पर जिला नागरिक अस्पताल लाया गया था। तीनों ही मृत पाए गए हैं।

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