हरियाणा CM नायब सैनी को लेकर बदले अनिल विज के सुर, कहा- नहीं माने जाते आदेश, डल्लेवाल की तरह करूंगा आंदोलन
Haryana Latest News हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लेकर मुखर रुख अपनाया है। अनिल विज ने कहा कि ग्रीवेंसिस कमेटी की मीटिंग में शायद नहीं जाऊंगा क्योंकि उनके आदेशों की अनुपालना नहीं होती। उन्होंने कहा अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र के कामों के लिए किसान नेता डल्लेवाल की तरह आंदोलन भी करना पड़ा तो वे करेंगे।

जागरण संवाददाता, अंबाला। दिल्ली चुनाव के बीच जहां एक ओर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली के आम आदमी पार्टी के नेताओं में यमुना नदी के पानी में जहर को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वहीं, हरियाणा की सियासत में उस दौरान एक नया मोड़ आया जब परिवहन मंत्री अनिल विज मुख्यमंत्री को लेकर मुखर होते नजर आए।
हरियाणा के सबसे वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ने कहा कि ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में शायद नहीं जाऊंगा क्योंकि उनके आदेशों की अनुपालना नहीं होती।
विज ने कहा कि अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र के कामों के लिए आंदोलन भी करना पड़ा तो वे करेंगे। उन्होंने किसान नेता डल्लेवाल का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर डल्लेवाल की तरह आंदोलन करना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
'ऐसी मीटिंग का कोई मतलब नहीं'
ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में शामिल न होने को लेकर विज कहा कि बैठक में आदेशों का पालन नहीं होता। ऐसी मीटिंग का कोई फायदा नहीं है। विज ने कहा कि हरियाणा का तो पता नहीं। लेकिन अंबाला की जनता के अधिकारों के लिए हमेशा लड़ाई लड़ता रहूंगा।
परिवहन मंत्री ने कहा कि अंबाला ने मुझे सात बार विधायक बनाया है। जनता ने मुझे विधायक उनके कामों को पूरा करने के लिए बनाया है। ऐसे में उनकी मांगों को लेकर मुझे आंदोलन भी करना पड़े तो मैं करूंगा। मुझे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तरह आमरण अनशन भी करना पड़े तो भी करूंगा।
यह भी पढ़ें- खुशखबरी! हरियाणा सरकार देगी 2 लाख सरकारी नौकरी, CM सैनी ने किया एलान
48 सेकंड का वीडियो वायरल
अंबाला छावनी के सदर बाजार टी-प्वाइंट पर समर्थकों के साथ चाय पीते समय विज ने यह बयान दिया, जिसकी 48 सेकंड की वीडियो क्लिप इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते ही राजनीति गरमा गई। वीडियो में गोलगप्पे खाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
विज के बयान के बाद भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन बडौली ने पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष आशीष तायल को पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया। यह कदम क्यों उठाया गया, इस बारे में अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसको लेकर भी चर्चाएं काफी हैं।
विज ने बंद कर दिया था जनता दरबार
हालांकि, सोशल मीडिया पर यह पत्र वायरल हो रहा है और साथ ही विज समर्थक पोस्ट डाल रहे हैं कि यह सजा कम है। पहले राज्य और अब कैंट विधानसभा क्षेत्र का जनता दरबार बंद गठबंधन सरकार में विज गृह मंत्री थे, उस दौरान ही राज्य स्तरीय जनता दरबार शुरू किया गया था। बाद में सभी जिलों के डीसी व एसपी को जनता दरबार लगाने के आदेश दिए थे, जिसके बाद विज ने जनता दरबार बंद कर दिया था।
नायब सैनी सरकार में मंत्री बनने के बाद अंबाला छावनी विस क्षेत्र के लिए जनता दरबार शुरू हुआ, लेकिन अब यह बंद है। विज का कहना है कि जो अफसरों को आदेश दिए जाते थे, उनकी पालना नहीं हो रही।
इसके अलावा चुनावों में विज को हरवाने की साजिश रचने वाले अफसरों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। विज ने कहा कि उन्होंने अंबाला छावनी विधानसभा के लिए लगाया जा रहा जनता दरबार भी अब बंद कर दिया है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।