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शताब्दी एक्सप्रेस में 'डर' का सफर, निर्धारित ठहराव से पहले दौड़ा दी ट्रेन; स्टेशन पर मची चीख-पुकार

Published: Sat, 03 Jan 2026 10:27 PM (IST)Updated: Sat, 03 Jan 2026 10:34 PM (IST)

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस निर्धारित समय से पहले ही चल पड़ी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच ...और पढ़ें

शताब्दी एक्सप्रेस में 'मौत' का सफर। फाइल फोटो

शताब्दी एक्सप्रेस में 'मौत' का सफर। फाइल फोटो

HighLights

  1. चंडीगढ़ में शताब्दी एक्सप्रेस निर्धारित समय से पहले चली।

  2. यात्रियों ने चेन खींचकर चलती ट्रेन को रोका।

  3. रेलवे अधिकारियों द्वारा मामले की गहन जांच जारी है।

दीपक बहल, अंबाला। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12006) अपने निर्धारित ठहराव से पहले ही बिना पूरी बोर्डिंग के प्लेटफॉर्म छोड़ गई। रेलवे की इस कार्यप्रणाली ने न केवल यात्रियों की जान जोखिम में डाली, बल्कि विभाग के सुरक्षा दावों की भी पोल खोल दी है।

आलम यह था कि चलती ट्रेन को पकड़ने के चक्कर में एक यात्री प्लेटफार्म पर गिर गया, जिसके बाद यात्रियों ने खुद चेन खींचकर ट्रेन रोकी और रेल मंत्री को ट्वीट कर इस लापरवाही की शिकायत की। अंबाला रेल मंडल के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पावर केबिन से लेकर सीसीटीवी फुटेज तक की जांच की।

दूसरी ओर यात्री ने कुछ यात्रियों से बात कर टि्वटर हैंडल पर वीडियो भी अपलोड कर दिया। दरअसल यह ट्रेन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर अपने निर्धारित समय से पहले ही लेट आई थी जिसके चलते इसे आठ मिनट और रुकना चाहिए था लेकिन इसे पहले ही दौड़ा दिया गया।

समय से पहले क्यों दौड़ाई शताब्दी एक्सप्रेस

नियमों के मुताबिक शताब्दी एक्सप्रेस का चंडीगढ़ स्टेशन पर 8 मिनट का ठहराव है (आगमन 06:45, प्रस्थान 06:53)। चूंकि चंडीगढ़ से 70-80 फीसद यात्री सवार होते हैं, इसलिए यह समय बोर्डिंग के लिए

 अनिवार्य है।

लेकिन शनिवार को घटना वाले दिन ट्रेन पहले से लेट थी और 06:49 पर पहुंची। तकनीकी और मानवीय तकाजा कहता था कि ट्रेन को 6:58 तक रुकना चाहिए था, लेकिन इसे मात्र 5 मिनट के भीतर यानी 6:55 पर ही रवाना कर दिया गया।

हम गिरते बचे, सामान प्लेटफार्म पर ही रह गया

घटना के वक्त कोच सी-6 के पास अफरा-तफरी का माहौल था। पूजा राठौर ने बताया कि मेरे पति अभयराठौर ट्रेन में चढ़ चुके थे, लेकिन मैं और मेरी बेटी बाहर ही थे कि अचानक ट्रेन चल पड़ी। सामान बाहर रह गया और हम गिरते-गिरते बचे।

अगर पति चेन नहीं खींचते तो हमारा परिवार बिछड़ जाता। वहीं, यात्री उर्वशी कक्कड़ ने बताया कि कई यात्री नीचे रह गए थे। एक महिला और उनका छोटा बच्चा था। उनके पति ऊपर चढ़ गए थे।

अगर उनका बच्चा गिर जाता तो ऐसा पैनिक क्रिएट हुआ। ट्रेन को चलाने से पहले देखा जाना चाहिए था सभी यात्री सवार हो गये या नहीं। दूसरी बात ट्रेन लेट आइ थी तो उसे आठ मिनट रोकना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

जांच की जा रही है: सीनियर डीसीएम

सीनियर डीसीएम नवीन कुमार झा ने कहा कि जांच की जा रही है। उन्होंने कहा पावर कैबिन के डेटा लागर के अनुसार ट्रेन 6:55 पर रवाना हुई थी। स्टाफ के बयानों और सीसीटीवी फुटेज चेक की गई है। स्टाफ ने कहा कि ट्रेन के चलने से पहले कोई यात्री सवार नहीं हो रहा था बाकी जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।