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    Gujarat: उच्चशिक्षा के लिए देश-विदेश के छात्रों को आमंत्रित करेगी गुजरात सरकार

    By Sachin Kumar MishraEdited By:
    Updated: Wed, 08 Jan 2020 12:43 PM (IST)

    Gujarat Government. गुजरात के शिक्षामंत्री भूपेंद्र सिंह अपने अधिकारियों के साथ 24 से 29 जनवरी तक कई राज्यों व देशों में रोड शो करेंगे। ...और पढ़ें

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    Gujarat: उच्चशिक्षा के लिए देश-विदेश के छात्रों को आमंत्रित करेगी गुजरात सरकार

    अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। Gujarat Government. उच्च शिक्षा के लिए देश-दुनिया के छात्र-छात्राओं को लुभाने के लिए गुजरात सरकार विदेशों में तथा देश के शहरों में रोड शो करेगी। राज्य के 22 सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए युवाओं को आकर्षित किया जाएगा, ताकि गुजरात को एजुकेशन हब बनाया जा सके।

    शिक्षामंत्री भूपेंद्र सिंह अपने अधिकारियों के साथ 24 से 29 जनवरी तक कई राज्यों व देशों में रोड शो करेंगे। 15 जनवरी को सबसे पहले कुवैत में रोड शो का आयोजन होगा। 17-18 जनवरी को दुबई मे, 19 को मस्कट में तथा इसके बाद सिलसिलेवार तरीके से श्रीलंका, नेपाल, भूटान, युगांडा, युथोपिया, बांग्लादेश, जिम्बाब्वे आदि देशों में उच्च शिक्षा के लिए युवाओं को गुजरात लाने के लिए रोड शो होंगे।

    उच्च शिक्षा विभाग प्रधान सचिव अंजू शर्मा बताती हैं कि राज्य में देश-विदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए लुभाने को स्टडी इन गुजरात अभियान शुरू किया गया है। 12 देश व भारत के 10 बड़े शहरों में रोड शो होंगे। पटना-गुवाहाटी में 20 जनवरी, इंदौर में 21, कोलकाता में 22, रांची, श्रीनगर व नासिक में 28 जनवरी को रोड शो होगा।

    गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने दिया एक और विवादित बयान

    राजस्थान के बाद गुजरात के प्रमुख शहरों के अस्पतालों में 222 बच्चों की मौत होने के बाद उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बचाव में कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश से बच्चे इलाज के लिए गुजरात क्यों लाए जाते हैं? देश के विभिन्न राज्यों में नवजात व कम उम्र के बच्चों की मौत के आंकड़े सामने आने के बाद कांग्रेस व भाजपा आरोप-प्रत्यारोप लगाने में जुटी है।

    उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल का कहना है कि कांग्रेस राज्य में खराब स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए आरोप लगा रही है तो कांग्रेस शासित राजस्थान व मध्य प्रदेश से बच्चे गुजरात में इलाज के लिए क्यों लाए जाते हैं। नितिन पटेल उपमुख्यमंत्री होने के साथ ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। स्वास्थ्य मंत्री के बयान की सोशल मीडिया में आलोचना हो रही है। इससे पहले गुजरात सचिवालय में गैरगुजराती आइएएस व आइपीएस की अधिक संख्या पर दिए बयान को लेकर भी वह चर्चा में रहे थे।

    राजस्थान के कोटा अस्पताल में 110 नवजात बच्चों की मौत व लाइब्रेरियन की परीक्षा का पेपर लीक होने की घटना के बाद भाजपा प्रवक्ता भरत पंडया व पार्टी के मीडिया प्रभारी प्रशांत वाला ने कांग्रेस नेताओं को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस्तीफा मांगने की नसीहत दी थी, लेकिन राजकोट में 134 व अहमदाबाद के अस्पताल में 88 बच्चों की मौत से भाजपा बचाव की मुद्रा में आ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने सोमवार को राजकोट सिविल अस्पताल के बाहर धरना देकर विरोध जताया।

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