अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। नर्मदा जिले का केवड़िया रेलवे स्टेशन देश का पहला इको फ्रेंडली स्टेशन होगा जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होगा। अहमदाबाद से चलने वाली ट्रेन वडोदरा होते हुए केवड़िया पहुंचेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अहमदाबाद से केवड़िया सहित देश के छह राज्यों के आठ विभिन्न शहरों से वाराणसी, चैन्नई, केवडिया के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी देखने के लिए गुजरात के केवड़िया गांव जाने में अब आसानी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये 8 नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाया। दिल्ली से अब केवडिया गांव के लिए सीधी ट्रेन चलेगी।

अहमदाबाद से केवड़िया के बीच चलने वाली ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगी। यह बिजली तथा सौर ऊर्जा दोनों ही से चलने वाली होगी इसमें एक लगेज कंपार्टमेंट तथा पैंट्री की सुविधा भी होगी। 180 डिग्री तक धूम सकेगी ऑटोमेटिक स्लाइडिंग डोर होंगे कोच की छत पर कांच लगे होंगे इसके अलावा एलईडी डिस्प्ले तथा वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैचू ऑफ यूनिटी के प्रोजेक्ट की कल्पना ही नहीं की बल्कि देश की एकता व अखंडता को भी एक ऊंचाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी दूरदर्शिता से गुजरात में वैश्विक स्तर का पर्यटन स्थल का विकास किया है। यहां पर विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के साथ जंगल सफारी रिवर राफ्टिंग जू बटरफ्लाई गार्डन फ्लावर पार्क आदि काफी विकास किया है। दुनिया से अलग सपना देखने की क्षमता तथा उसे पूरा करने साकार करने की शक्ति प्रधानमंत्री में है यह हमारे लिए गौरव की बात है। नर्मदा जिले के के बढ़िया में निर्मित स्टेचू ऑफ यूनिटी इसका जीता जागता उदाहरण है। केवड़िया को तथा वहां के लोगों को इस महान प्रोजेक्ट के लिए बधाई देता हूं।

स्टेच्यु ऑफ यूनिटी का केवड़िया रेलवे स्टेशन उत्तर भारत में वाराणसी से पश्चिमी भारत मुंबई से तथा दक्षिण भारत चेन्नई से आज जुड़ जाएगा। देश के 6 राज्यों के 8 शहर रेल मार्ग के जरिए के बढ़िया से जुड़ जाएंगे। स्टेच्यु ऑफ यूनिटी को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यहां पर विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के साथ सरदार सरोवर नर्मदा बांध सफारी पार्क जू बटरफ्लाई पार्क सहित कई तरह के मनोरंजन व साहसिक खेलों कि केंद्र को विकसित किया गया है। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के पास है भारत के 565 राजे रजवाड़ों के इतिहास से जुड़ा एक म्यूजियम भी निर्मित किया जा रहा है। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी भारत की एकता व अखंडता का प्रतीक होने के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास की झांकी को भी दर्शाएगा 

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