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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुजरात के सालंगपुर मंदिर विवाद का अंत, हनुमानजी के विवादास्पद भित्ति चित्र कल सूर्योदय से पहले हटाए जाएंगे

By AgencyEdited By: Mahen Khanna
Published: Tue, 05 Sep 2023 12:09 AM (IST)

Gujarat Salangpur Temple Controversy सालंगपुर मंदिर का विवाद अब थम गया है। सूर्योदय से पहले हनुमानजी के विवादास्पद भित्ति चित्र ...और पढ़ें

Gujarat Salangpur Temple Controversy: सालंगपुर मंदिर में हनुमान जी का विवादास्पद भित्ति चित्र हटेगा।
Gujarat Salangpur Temple Controversy: सालंगपुर मंदिर में हनुमान जी का विवादास्पद भित्ति चित्र हटेगा।

HighLights

  1. सनातनी साधु-संतों के सामने झुके स्वामीनारायण संत।
  2. सरकार और विहिप ने की मध्यस्थता।
  3. स्वामीनारायण संतों को उत्तेजक और सनातन धर्म विरोधी बयान न देने की चेतावनी।

राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। Gujarat Salangpur Temple Controversy गुजरात के सालंगपुर मंदिर में हनुमानजी के विवादास्पद भित्ति चित्र मंगलवार को सूर्योदय से पहले हटाने का एलान स्वामीनारायण संप्रदाय की ओर से किया गया, लेकिन इसके विरोध में सनातनी संतों का लींबडी में मंगलवार को होने वाला सम्मेलन रद नहीं हुआ है।

नौतम स्वामी को विदेश भेजे जाने की चर्चा 

सनातनी संतों के बहिष्कार की घोषणा के बाद स्वामीनारायण संप्रदाय के संत झुकते नजर आ रहे हैं। उकसाने वाले बयान देने वाले नौतम स्वामी को विदेश भेजे जाने की चर्चा है। हिंदू धर्म आचार्य सभा के संतों ने स्वामीनारायण संप्रदाय के संतों के साथ अहमदाबाद में बैठक की।

स्वामीनारायण संप्रदाय के संतों ने सीएम से मुलाकात की

इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से भी स्वामीनारायण संप्रदाय के संतों ने मुलाकात की। सोमवार शाम को स्वामीनारायण वडताल के संत परमानंद स्वामी एवं विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के चैतन्य शंभू महाराज ने मीडिया को बताया कि मंगलवार को सूर्योदय से पहले सालंगपुर मंदिर में लगे विवादित भित्ति चित्र हटा लिए जाएंगे।

स्वामीनारायण संतों को किसी भी तरह के उत्तेजक व सनातन धर्म विरोधी बयान न देने की चेतावनी दी गई है। परमानंद स्वामी ने कहा कि स्वामीनारायण संप्रदाय सनातन धर्म का ही एक हिस्सा है। किसी भी तरह से वे लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते।

विहिप नेता व संतों की बनेगी समिति

अन्य मतभेदों के अंत के लिए शंकराचार्य, विहिप नेता व स्वामीनारायण संप्रदाय के विभिन्न ट्रस्टों के संतों की एक समिति बनाई जाएगी, जो सनातनी संतों की आपत्तियों पर विचार करेगी। इससे पहले स्वामीनारायण संत दर्शन वल्लभस्वामी ने वडोदरा की सभा में एक विवादित बयान में कहा कि स्वामीनारायण भगवान सर्वोपरी हैं और रहेंगे। हमें छेड़ने का प्रयास बंद करें।

कोई भी संप्रदाय सनातन से बड़ा नहीं हो सकता

शंकराचार्य शारदा द्वारिकापीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने कहा है कि विवाद के कारणों का अंत नहीं हुआ है। कोई संप्रदाय यदि धन से मजबूत हो जाए तो वह सनातन धर्म से बड़ा नहीं हो जाता है। सच्चिदानंद स्वामी, ऋषी भारती बापू, संत ज्योर्तिनाथ ने भी भित्ति चित्र हटाने पर विवाद के अंत की बात से इन्कार किया।

इनका कहना है कि स्वामीनारायण साहित्य में सनातन धर्म के देवी-देवताओं को गलत ढंग से दर्शाया गया है। इसके अलावा भी कई विवाद हैं, इन पर स्वामीनारायण संतों को लिखित में आश्वासन देना होगा।