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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रस्टी बताकर वक्फ की संपत्ति से 17 साल तक वसूला किराया, जांच हुई तो निकले पुराने अपराधी; जानिए पूरा मामला

Published: Sun, 20 Apr 2025 08:05 PM (IST)

आरोपियों की पहचान सलीम खान पठान मोहम्मद यासर शेख महमूदखान पठान फैज मोहम्मद चोबदार और शाहिद अहमद शेख के रूप ...और पढ़ें

पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. ट्रस्ट की जमीन पर किया अवैध निर्माण
  2. सौ घरों और दुकानों से वसूला किराया
  3. 2008 से 2025 के बीच किराया लिया

पीटीआई, अहमदाबाद। अहमदाबाद में वक्फ बोर्ड के तहत पंजीकृत दो ट्रस्ट की जमीन पर बनी दुकानों और घरों का स्वयं को ट्रस्टी बताकर 17 वर्षों तक किराया वसूलने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

शहर के गायकवाड़ हवेली थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, जालसाजों ने कांचनी मस्जिद ट्रस्ट और शाह बाड़ा कसम ट्रस्ट की जमीन पर बने लगभग सौ घरों और दुकानों का किराया वसूला।

निजी लाभ के लिए किया दुरुपयोग

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) भरत राठौड़ के अनुसार, यह पाया गया कि उन्होंने वक्फ बोर्ड के तहत पंजीकृत ट्रस्ट की संपत्तियों का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया। इसके बाद उनके खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों पेश करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि आरोपियों ने दोनों ट्रस्टों के पांच हजार वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में अवैध निर्माण किया। उन्होंने 2008 से 2025 के बीच लगभग 100 मकान और दुकानें बनाईं। हर माह किराया वसूला।

आरोपियों के ट्रस्ट का सदस्य होने से इंकार

  • आरोपियों की पहचान सलीम खान पठान, मोहम्मद यासर शेख, महमूदखान पठान, फैज मोहम्मद चोबदार और शाहिद अहमद शेख के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सलीम खान पठान पुराना अपराधी है।
  • उस पर शस्त्र अधिनियम सहित पांच मामले दर्ज हैं। कांचिनी मस्जिद ट्रस्ट की भूमि पर बनी संपत्तियों के किरायेदार शिकायतकर्ता मोहम्मद रफीक अंसारी ने कहा कि कोई भी आरोपी किसी भी ट्रस्ट का सदस्य नहीं है।
  • उन्होंने बताया कि किराए के पैसे को आने लाभ के लिए इस्तेमाल करने के अलावा आरोपियों ने शाह बाड़ा काशी ट्रस्ट के दानपात्र में जमा धन पर भी अपना स्वामित्व होने का दावा किया।

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