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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ghuspaithiya Review: काम ना आया फर्जी बाथरूम वीडियो का दांव, थिएटर में घुसने से पहले सोच लें

Published: Fri, 09 Aug 2024 05:54 PM (IST)Updated: Fri, 09 Aug 2024 07:16 PM (IST)

निर्देशक सुसी गणेशन की फिल्म घुसपैठिया (Ghuspaithiya Review) से आज से सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। इस फिल्म में उर्वशी ...और पढ़ें

उर्वशी रौतेला की फिल्म घुसपैठिया का रिव्यू (Photo Credit-Jagran)
उर्वशी रौतेला की फिल्म घुसपैठिया का रिव्यू (Photo Credit-Jagran)

HighLights

  1. थिएटर में रिलीज हुई उर्वशी रौतेला की घुसपैठिया
  2. इंटरनेट के स्कैम पर बेस्ड है ये मूवी
  3. साउथ सिनेमा के निर्देशक ने किया डायरेक्शन

प्रियंका सिंह, मुंबई डेस्क। कुछ ऐसी फिल्में होती हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि इंटरवल कब होगा, फिल्म कब खत्म होगी या इसे बनाया ही क्यों गया। ऐसे ही सवाल घुसपैठिया (Ghuspaithiya Review) फिल्म देखते हुए आए हैं।

इस फिल्म का टीजर आया था, तो विषय को लेकर एक दिलचस्पी जागी थी। खैर, साल 2019 से अटकी पड़ी ये फिल्म अब जाकर रिलीज हुई है, तो जाहिर सी बात है, तेजी से विकसित होती तकनीक और फिल्मों के नए विषयों के आगे पुरानी लगती है।

फिल्म की कहानी का सार

कहानी है उत्तर प्रदेश के पुलिस अफसर रवि राणा (विनीत कुमार सिंह) की, जिसे उसका सीनियर आदेश देता है कि वह पुलिस डिपार्टमेंट के कुछ भ्रष्ट सीनियर्स की फोन काल्स रिकार्ड करे। इस बीच एक फोन काल में उसे अपनी पत्नी आभा (उर्वशी रौतेला) की आवाज सुनाई देती है। कई लड़कियों को इंटरनेट मीडिया के जरिए अपने झांसे में फंसा चुका अंशुमन (अक्षय ओबेराय) आभा को ब्लैकमेल कर रहा होता है। रवि की खूबसूरत दुनिया में भूचाल आ जाता है।

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इंटरनेट का मायाजाल

तेजी से लोगों की जिंदगी में घुसा इंटरनेट मीडिया, कैसे निजी जिंदगी में उथल-पुथल ला सकता है, कैसे किसी अनजान से दोस्ती खतरनाक हो सकती है, इसे फिल्म में उठाया गया है। विषय अहम जरूर है, लेकिन नया नहीं है। पिछले दिनों खो गए हम कहां, एलएसडी 2 समेत कई फिल्में इसके आसपास बनी हैं और आगे भी बन रही हैं। फिल्म का शीर्षक और टीजर भले ही रचनात्मक हो, लेकिन फिल्म कमाल की नहीं।

स्क्रीनप्ले पूरी तरह से बिखरा हुआ है। क्लाइमेक्स में अंशुमन की याददाश्त को मिटाने वाला तरीका बेहद बचकाना है। मणि रत्नम जैसे दिग्गज फिल्मकार को असिस्ट कर चुके और बड़े कलाकारों के साथ कई तमिल फिल्मों का निर्देशन कर चुके सुसी गणेशन से इतनी कमजोर फिल्म की उम्मीद नहीं थी।

कमजोरी एक्टिंग की मार

फिल्म की स्टारकास्ट ने उसके बावजूद इस फिल्म को प्रमोट किया यह उनका बड़प्पन है। विनीत कुमार सिंह ने पिछले कई वर्षों में अपने अभिनय के दम पर ही अपनी पहचान बनाई है। अक्षय ओबेराय भी चुनौतीपूर्ण पात्रों को निभाने में आगे रहे हैं।

दोनों ही प्रतिभाशाली कलाकारों को फिल्म में बर्बाद कर दिया गया है। उर्वशी रौतेला के बारे में कुछ न ही कहना बेहतर है, क्योंकि अभिनय की दौड़ में वह फिलहाल काफी पीछे चल रही हैं। बता दें कि इस मूवी की अनाउंसमेंट से पहले उर्वशी रौतेला के बाथरूम वीडियो वायरल हुआ था, जिसको लेकर खूब चर्चा हुई थी। हालांकि, ट्रेलर रिलीज से मालूम हुआ कि ये इसी मूवी का एक दृश्य था और मेकर्स ने इसका दांव खेला था।

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