यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Param Singh: डायरेक्टर ने की थी शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश, कास्टिंग काउच पर परम सिंह ने बयां किया दर्द
Param Singh On Casting Couch टीवी सीरियल साड्डा हक फेम एक्टर परम सिंह ने हाल ही में कास्टिंग काउच से ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जेएनएन। 'साड्डा हक' से लेकर 'इश्क पर जोर' नहीं तक, टीवी अभिनेता परम सिंह ने कई लोकप्रिय शो में अभिनय किया है। हालांकि, टेलीविजन और ओटीटी पर अपने करियर के बीच, अभिनेता ने अब थिएटर में अपनी एक्टिंग स्किल्स दिखाए। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कास्टिंग काउच को लेकर अपने दर्दनाक अनुभवों का खुलासा किया। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि टीवी छोड़कर उन्होंने स्टेज का रुख आखिर क्यों किया।
कास्टिंग काउच का शिकार हो चुके हैं परम सिंह
न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में जब परम से ये पूछा गया कि दुर्भाग्य से, कास्टिंग काउच इंडस्ट्री की एक हकिकत है। रणवीर सिंह सहित कई अभिनेताओं ने हाल ही में इसके बारे में खुलकर बात की है। क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है और क्या आप इसके बारे में बात करने में सहज हैं? तो परम ने भी इसपर एक चौंकाने वाली घटना के बारे में बताया।
बयां किया दर्दनाक अनुभव
हां, शुरुआत में मुझे ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है। मैं नाम नहीं ले सकता लेकिन मैं एक बार काम के सिलसिले में एक कास्टिंग डायरेक्टर से मिलने गया था और उसने मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। मैंने उसे दूर धकेल दिया। मैं बस उसे धूंसा मारने ही वाला था कि वो डर गया और फिर मैं वहां से चला गया।मुझे पता है कि खुद को कैसे मैनेज करना है'।
लोगों से की ये अपील
परम ने आगे कहा कि, 'कहीं न कहीं मुझे उन लोगों के लिए दुख होता है जिन्हें इस तरह की बकवास से गुजरना पड़ता है। ये सब हमारी आत्मा को भी सही नहीं लग सकता। मुझे लगता है कि जिस भी किसी के साथ ये हो उसे स्टैंड लेना चाहिए अपने लिए। अगर आपको इंडस्ट्री में काम चाहिए तो सिर्फ खुद पर भरोसा रखिए ना की ऐसे कामयाब होने की कोशिश करिए।
'पीछा करती परछाइयां' में आएंगे नजर
बता दें कि परम एक नाटक में नजर आने वाले हैं जिसका नाम 'पीछा करती परछाइयां' हैं। यह हेनरिक इब्सन के नाटक "घोस्ट्स" का भारतीय रूपांतरण है। इस प्ले में परम युवराज का किरदार निभा रहे हैं, जिसे पेरिस से वापस आते हुए एक फैशन डिजाइनर के रूप में दिखाया गया है। ये नाटक समाज में उन विषयों के बारे में है जो हमें दिखता तो है लेकिन हम इसके बारे में बात करना पसंद नहीं करते हैं।
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