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    10 हजार किताब, 15 इतिहासकारों की मदद से बना था दूरदर्शन का ये कल्ट टीवी शो, 350 कलाकारों ने किया था काम

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 08:29 PM (IST)

    1980 के दशक में रामायण और महाभारत छोटे पर्दे पर लोकप्रियता हासिल करने लगे थे। इन धारावाहिकों की सफलता ने सरकार को देश के इतिहास पर आधारित एक टीवी धारावाहिक शुरू करने के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके लिए प्रसिद्ध फिल्म मेकर श्याम बेनेगल से संपर्क किया गया। उन्होंने इसे जवाहरलाल नेहरू की किताब डिस्कवरी ऑफ इंडिया पर आधार पर बनाने का फैसला किया।

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    15 इतिहासकारों की मदद से बना ये कल्ट टीवी शो

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। भारत के इतिहास पर कई फिल्में, सीरीज और टीवी शो बने हैं। रामायण, महाभारत, मुगल सल्तनत और आजादी की लड़ाई इन सब टॉपिक पर कई टीवी शो बने और पॉपुलर भी हो। लेकिन इन सबको मिलाकर भी एक टीवी शो बना और खूब पॉपुलर भी हुआ। इस शो में रामायण, महाभारत, चाणक्य नीति, मुगल सल्तनत और आजादी की लड़ाई की कहानी को दिखाया गया। इस शो को बनाने के लिए लीजेंडरी दिवंगत फिल्म मेकर श्याम बेनेगल ने 10 हजार किताबों और 15 इतिहासकारों की मदद ली थी।

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    क्या नाम है इस शो का ?

    श्याम बेनेगल के इस बेहतरीन टीवी शो का नाम है भारत एक खोज। यह सीरीयल देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की किताब डिस्कवरी ऑफ इंडिया पर आधारित था जो नेहरू जी ने जेल में रहते हुए लिखी थी। यह सीरीयल 1988 में प्रसारित हुआ था और इसमें 53 एपिसोड थे। इस शो के लिए श्याम बेनेगल ने 10 हजार किताब और 15 इतिहासकारों की मदद ली थी क्योंक वे चाहते थे कि शो में कोई भी कमी ना हो और इसके फैक्ट्स पर कोई सवाल ना उठा पाए।

    फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया

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    25 लोगों की टीम ने लिखी इसकी स्क्रिप्ट

    53 एपिसोड वाले इस शो को शमा जैदी ने 25 लोगों की टीम के साथ लिखा था। इसकी शूटिंग 1988 की शुरुआत में शुरू हुई और यह शो नेहरू की 99वीं जयंती (14 नवंबर, 1988) पर प्रसारित हुआ। बेनेगल ने इसके बारे में बात करते हुए कहा था, 'एक घंटे का यह शो बेहद सफल रहा और इसे कई बार दोबारा प्रसारित किया गया। यह डीवीडी पर भी उपलब्ध है। यह एक शानदार अनुभव था और मुझे खुशी है कि हम इसे अच्छी तरह से बना पाए। हमने हर चीज को बेहद गंभीरता से लिया और यह वैसा ही बना जैसा हम चाहते थे। आखिरकार, हम इस शो के माध्यम से इतिहास को फिर से जी रहे थे'।

    फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया

    देश की कई लोकेशन पर हुई शूटिंग

    इस टीम ने देश के कई स्थानों पर शूटिंग की ताजमहल और पश्चिमी घाट से लेकर अन्य ऐतिहासिक स्थलों तक। शो की शूटिंग के लिए गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी में दो मंजिलें एक साल के लिए बुक की गईं। पूरे भारत में कई सेट भी लगाए गए। बेनेगल ने कहा था- हमारी मेहनत रंग लाई, 25 साल बाद लोग आज भी इस शो के बारे में बात करते हैं। किसी ने इसका रीमेक नहीं बनाया है और इस सीरीज का जिक्र आज भी कई मंचों पर होता है। यह शो और इसके लिए डेढ़ साल तक की शूटिंग इसमें शामिल सभी लोगों के लिए जीवन भर का एक्सपीरियंस था'।

    फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया

    350 से ज्यादा कलाकारों ने किया काम

    इस टीवी के लिए अच्छी तरह से रिसर्च की गई थी और इसमें 350 कलाकारों ने काम किया था। फिर भी महाभारत, रामायण, चाणक्य, अशोक, चोल साम्राज्य, दिल्ली सल्तनत, अकबर, औरंगजेब, टीपू सुल्तान, 1857 की क्रांति, विवेकानंद और गांधी वगैरह पर आधारित एपिसोड्स के लिए कलाकारों को चुनना कठिन था। उन्होंने 350 कलाकारों को चुना, जिनमें से ज्यादातर रंगमंच, दिल्ली के नेशनल ड्रामा स्कूल और अन्य एक्टिंग स्कूल से थे। ओम पुरी, कुलभूषण खरबंदा, नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, पीयूष मिश्रा, टॉम ऑल्टर, सदाशिव अमरापुरकर, आलोक नाथ और मोहन गोखले जैसे शानदार कलाकार इस शो का हिस्सा थे।

    फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया

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