प्रियंका सिंह, मुंबई। PS-1 Review: पुस्तकों पर आधारित फिल्मों में अब पीएस 1 का नाम भी शामिल हो गया है। कल्कि कृष्णमूर्ति का तमिल उपन्यास पोन्नियिन सेल्वन 1 अब फिल्म में रुपांतरित हो चुका है। पीएस 1 फिल्म को दो हिस्सों में बांटा गया है। इसका पहला हिस्सा रिलीज हो गया है। फिल्म शुरू होती है अभिनेता अजय देवगन की आवाज में एक हजार साल पहले की कहानी के साथ, जहां तंजोर के सम्राट सुंदर चोल (प्रकाश राज) के दो पुत्र आदित्य करिकालन (विक्रम) और अरुणमोड़ी वर्मन (जयम रवि) और एक पुत्री कुंदवई (त्रिशा) है। वीरयोद्धा आदित्य एक युद्ध में वीरपांड्या (नासर) का सिर धड़ से अलग कर देता है। वीरपांड्या के अंगरक्षकों चोल वंश का सर्वनाश करने की शपथ लेता हैं। राजकुमार अरुणमोड़ी वर्मन उर्फ पोन्नियिन सेल्वन सिंहल पर विजय पाने की तैयारी में हैं। सुंदर चोल अस्वस्थ हैं। चोल वंश खतरे में है। चोल राज्य के रक्षक ही षणयंत्र रच रहे हैं। आदित्य को इस बात की भनक है, इसलिए वह अपने करीबी मित्र वल्लावरायन वंदितेवन (कार्थी) को इस बात का पता लगाने के लिए भेजता है।

प्रतिशोध की आग में जल रही नंदिनी की कहानी को दर्शाती फिल्म

चोल साम्राज्य का सेनापति पर्वतेश्वर (आर शरत कुमार) बाकी मंत्रियों के साथ चोल साम्राज्य का तख्ता पलट करने का षणयंत्र रच रहा है। वह सुंदर के बड़े भाई के बेटे मधुरांत्कन (रहमान) को गद्दी पर बिठाना चाहता है। पर्वतेश्वर की जवान पत्नी नंदिनी (ऐश्वर्या राय बच्चन) इस सबमें उसका साथ देती है, हालांकि उसका उद्देश्य कुछ और ही है। नंदिनी का एक अतीत है, वह वीरपांड्या की मौत का बदला आदित्य से लेना चाहती है और चोल साम्राज्य की गद्दी पर बैठना चाहती है। कभी आदित्य और नंदिनी एक-दूसरे से प्यार करते थे। कहानी प्रतिशोध की आग में जल रही नंदिनी और कई तरह के षड्यंत्रों से गुजरते हुए अंत तक पहुंचती है। फिल्म की अवधि बहुत ज्यादा है। दो हजार पन्नों को दो फिल्मों में समेटना मणि रत्नम के लिए यकीनन आसान नहीं होगा। काफी वक्त किरदार और उनकी कहानी को समझने में चला जाता है। इस वजह से आदित्य और अरुणमोड़ी के किरदारों को उतना स्क्रीन स्पेस नहीं मिला है।

फिल्म में हर किरदार जीत लेगा आपका दिल

पोन्नियिन सेल्वन के किरदार में जयम को देखने की चाहत बढ़ती है, लेकिन निराशा हाथ लगती है। मणि रत्नम ने बताया था कि युद्ध फिल्म का कठिन हिस्सा होगा। युद्ध के दृश्य उतने प्रभावशाली नहीं बन पाए हैं, क्योंकि युद्ध के कारणों और जिससे खिलाफ युद्ध लड़ा जा रहा है, उसके बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। उसकी एक वजह फिल्म का दो हिस्सों में होना हो सकता है। शायद दूसरे पार्ट में इसके जवाब मिलें। फिल्म के हिंदी संवाद दिव्य प्रकाश दुबे ने लिखे हैं, जो सरल हैं और सीन के साथ फिट बैठते हैं। फिल्म का क्लाइमेक्स रोमांचक है। अंत में समंदर में लड़ाई का दृश्य भव्य है। पानी के भीतर सफेद लंबे बालों और चेहरे पर उम्र की वजह से पड़ी झुर्रियों में मौनी रानी के किरदार में ऐश्वर्या को तैरते देखना, फिल्म में उनके डबल रोल की ओर इशारा करता है। उसूलों के पक्के, निहत्थे पर वार न करने वाले, एक दिलजले प्रेमी और वीर योद्धा के किरदार में विक्रम प्रभावित करते हैं। भावुक सीन्स में भी वह दिल भी जीतते हैं।

ए आर रहमान के शानदार म्यूजिक ने लगाए चार चांद

प्रतिशोध की आग में जल रही नंदिनी के किरदार में ऐश्वर्या की पकड़ अपने हर एक सीन पर मजबूत नजर आती है। अपने साम्राज्य को बचाने की कोशिशों में लगी कुंदवई के किरदार में त्रिशा प्रभावशाली लगी हैं। फिल्म में सबसे ज्यादा स्क्रीनस्पेस पाने वाले अभिनेता कार्थी एक योद्धा और मित्र के किरदार में अपनी छाप छोड़ते हैं। उन्हें कई मजेदार सीन्स भी मिले हैं, जो चेहरे पर मुस्कान लाते हैं। मणि रत्नम स्लो मोशन में कलाकारों की धमाकेदार एंट्री दिखाने के लिए जाने जाते हैं। उनके इस कला की झलक इस फिल्म में भी दिखेगी। फिल्म को भव्य बनाने और चोल साम्राज्य को दिखाने में विजुअल इफेक्ट्स का भरपूर इस्तेमाल है। सिनेमैटोग्राफर रवि वर्मन अपने कैमरे के जरिए एक हजार साल पहले की दुनिया में ले जाने में कामयाब होते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और संगीत ए आर रहमान का जो फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करता है।

फिल्म – पीएस 1

मुख्य कलाकार – विक्रम, ऐश्वर्या राय बच्चन, प्रकाश राज, नासर, जयम रवि, कार्थी, त्रिशा, आर शरत कुमार, जयराम, रहमान

निर्देशक – मणि रत्नम

अवधि – 167 मिनट

रेटिंग – तीन

यह भी पढ़ें: Ponniyin Selvan: ऐश्वर्या ने PS 1 में पहनी इतनी महंगी ज्वैलरी, आपके भी हो सकते हैं 'नंदिनी' के गहने! जानें कैसे

यह भी पढ़ें: PS 1 Twitter Review: 'पीएस-1' के सेकेंड हाफ के लिए दीवाने हुए लोग, ऐश्वर्या राय और कार्थी के वनलाइनर पर बजीं तालियां

Edited By: Tanya Arora

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट