मुंबई। बॉलीवुड के बॉक्स ऑफ़िस पर साल 2018 लगातार ऐसा दूसरा साल होगा जब नए साल के पहले हफ़्ते में फिल्में रिलीज़ नहीं होंगी। इसके पीछे कई कारण हैं लेकिन सबसे बड़ी बात एक पुरानी 'मान्यता', जिसे फिल्म वाले चाह कर भी अमान्य नहीं कर पा रहे हैं।

हर साल बॉलीवुड में ढाई से तीन सौ फिल्में रिलीज़ होती हैं। फिल्मवाले ज्ञान और विज्ञान की बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन अपनी फिल्मों को हिट करवाने के लिए उनके टोटके हर साल वैसे के वैसे ही बने रहते हैं और इस कारण नए साल के पहले हफ़्ते में फिल्में रिलीज़ नहीं होतीं। ऐसा पिछले साल भी हुआ था और इस साल भी होगा। जी हां साल 2017 में करीब 4000 करोड़ की कमाई करने वाले बॉलीवुड बॉक्स ऑफ़िस पर पहले 11 दिनों में कोई फिल्म रिलीज़ नहीं होगी। मतलब पहला शुक्रवार खाली जायेगा। आप सोचेंगे क्यों ? क्या फिल्में पिछले साल ठीक से शूट नहीं हुईं या कोई फिल्म बन कर तैयार नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है।

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इसके पीछे का पहला बड़ा कारण है ' क्रिसमस' और न्यू ईयर की छुट्टियों का माहौल। बॉलीवुड में वर्किंग हॉलीडे मनाने वाले कुछ लोगों को छोड़ कर बाकी इंडस्ट्री छुट्टी के मूड में रहती है। ना कोई फिल्मी प्रमोशन न कोई काम। लंबे लंबे वेकेशंस और लौट कर आने के बाद छुट्टियों का ख़ुमार। टेक्निकली यही कारण होता है कि बॉलीवुड में नए साल के पहले हफ़्ते में फिल्मों का सूखा पड़ा रहता है, लेकिन एक दूसरा कारण भी है, जिसे वर्षों से फिल्म वाले बड़ी ही 'श्रद्धा ' के साथ मानते आ रहे हैं। लंबे समय से ये मान्यता रही है कि साल के पहले हफ़्ते में जो फिल्में रिलीज़ होती हैं वो बुरी तरह पिट जाती हैं। जो फिल्म वाले ऐसे 'अंधविश्वास ' को नहीं मानते उन्होंने इससे पहले भी अपनी फिल्में रिलीज़ की हैं और कुछ का हाल बहुत बुरा नहीं रहा है। यहां आपको बता दें कि हम यहां ऑल इंडिया टेरिटरी की बात कर रहे हैं। वैसे देश के अन्य सर्किट्स या मुंबई सर्किट में साल के पहले हफ़्ते में बेहद ही कम बजट की 'डी' ग्रेड फिल्में रिलीज़ होती रही हैं।

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इस साल 12 जनवरी से बॉक्स ऑफ़िस पर फिल्मों का सफ़र शुरू होगा। इस दिन करण कुंद्रा और ज़रीन खान स्टारर ' 1921 ', अनुराग कश्यप की ' मुक्काबाज़ ' और सैफ़ अली खान स्टारर 'कालाकांडी' रिलीज़ होगी। साल 2017 में भी ऐसा ही हुआ था और 12 दिन के सूखे के बाद 13 जनवरी को श्रद्धा और आदित्य रॉय कपूर की ओके जानू और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की 'हरामखोर' रिलीज़ हुई थी। ओके जानू को चार करोड़ और हरामखोर को सिर्फ़ 16 लाख रूपये की ओपनिंग मिली थी। लेकिन साल 2016 में ऐसा नहीं हुआ। फरहान अख़्तर, अमिताभ बच्चन को लेकर शतरंज की बिसात बिछाने निकले थे , फिल्म वज़ीर के साथ। फिल्म को पांच करोड़ से ओपनिंग लगी और 41 करोड़ का लाइफ़ टाइम कलेक्शन। इस फिल्म के साथ संजय सूरी की चौरंगा और एनीमेशन फिल्म ' छोटा भीम ' भी पहले हफ़्ते में ही रिलीज़ हो गई थी। साल 2015 में पहले हफ़्ते में कोई फिल्म नहीं आई थी लेकिन दूसरे हफ़्ते में आई 'तेवर' का हाल बुरा ही था।

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वैसे अगर किसी तरह के टोटकों को न भी माना जायं तो भी ट्रेड एक्सपर्ट मानते हैं कि नए साल के पहले हफ़्ते में फिल्म रिलीज़ करना कोई फायदे का सौदा नहीं है। ऐसा इसलिए नहीं कि सिर्फ़ बॉलीवुड पर छुट्टी का ख़ुमार चढ़ा रहता है बल्कि फिल्म देखने वाले लोग भी सिनेमाघरों तक जाने की स्थिति और मूड में नहीं होते।

Posted By: Manoj Khadilkar

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