Vash 2 Ending Explained: पहली फिल्म से भी ज्यादा खौफनाक है 'वश लेवल 2' का क्लाइमेक्स, क्या आएगा तीसरा पार्ट?
Vash Level 2 Ending Explained गुजराती फिल्म वश लेवल 2 में जिसमें जानकी बोदीवाला हितू कनोडिया और हितेन कुमार लीड रोल में हैं। यह फिल्म 27 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसे क्रिटीक्स की काफी सराहना मिली है। अगर आपने फिल्म देख ली है और अभी भी इसका क्लाईमैक्स समझ नहीं पा रहे हैं तो पढ़ें इसका एक्सप्लेनेशन।

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आपको अजय देवगन और आर माधवन की शैतान तो याद ही होगी। यह फिल्म गुजराती फिल्म वश का रीमेक थी, अब वश लेवल 2 थिएटर्स में 27 अगस्त को रिलीज हो चुकी है। क्रिटीक्स और दर्शक इसे पसंद कर रहे हैं। अगर आपने यह फिल्म देख ली है और क्लाईमैक्स समझ नहीं आया है तो यहां एक्सप्लेन किया जा रहा है।
क्या है वश लेवल 2 की कहानी
वश लेवल 2 पहली फिल्म की घटनाओं के 12 साल बाद की कहानी है। हालांकि अथर्व अपनी बेटी आर्या को काले जादूगर प्रताप के चंगुल से बचाने में कामयाब हो जाता है, लेकिन वह पूरी तरह से ठीक नहीं हुई है और अभी भी बेहोशी की हालत में है। इस बीच अथर्व अभी भी अपनी पत्नी और बेटे के खोने के सदमे से उबर रहा है और अपनी बेटी की देखभाल करते हुए भावनात्मक रूप से असमंजस में जी रहा है। हालात तब और बिगड़ जाते हैं जब एक नया जादूगर आ जाता है। इस बार, उसने कई स्कूली लड़कियों को अपने वश में कर लिया है।
फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया
यह भी पढ़ें- Vash Level 2 Collection Day 1: बॉक्स ऑफिस पर चल गया हॉरर थ्रिलर का 'वश', ओपनिंग डे की कमाई से चौंकाया
जब पुलिस रहस्यमय घटनाओं की जांच करती है वश में की गई लड़कियां बताती हैं कि उनका स्वामी अथर्व से मिलना चाहता है। अथर्व को जल्द ही ढूंढ लिया जाता है और उसे घटनास्थल पर लाया जाता है, जहां वह 12 साल पहले अपने और अपने परिवार के साथ हुई दर्दनाक घटनाओं के बारे में बताता है। नए खतरे के बारे में जानने पर, उसे पता चलता है कि स्कूली लड़कियों को राजनाथ नाम के एक जादूगर ने वश में किया है, जो प्रताप को अपना बड़ा भाई मानता है।
फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया
राजनाथ अथर्व को क्यों खोज रहा है और आर्या अभी तक ठीक क्यों नहीं हुई है? जल्द ही यह पता चलता है कि राजनाथ के पास प्रताप जैसी शक्तियां और महारत नहीं है और वह उसके बुरे तरीकों को जानने के लिए उसकी तलाश करता है। एक लड़ाई में राजनाथ बताता है कि कैसे उसका वश खत्म होता है जबकि आर्या एक दशक से भी ज्यादा समय बाद भी प्रताप के नियंत्रण में है।
फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया
यह अथर्व को यह सोचने पर मजबूर करता है कि वह प्रताप और आर्या के बीच के संबंध को पूरी तरह से क्यों नहीं तोड़ पाया। उसे पता चलता है कि उनकी पहली मुलाकात के दौरान, प्रताप ने अपनी चाय के लिए 10 रुपये दिए थे, जिससे उस पर कर्म उधार बन गया था। इस लंबे समय से चले आ रहे बंधन को तोड़ने के लिए अथर्व प्रताप को 10 रुपये लौटाता है और उससे रिश्ता तोड़ देता है। जिसके बाद आर्या 12 सालों के लंबे वक्त के बाद अपनी मानसिक कैद से मुक्त हो जाती है।
आखिरी में जब राजनाथ प्रताप को ढूंढ़ने के लिए अपना आतंक फैलाना जारी रखता है, तो उसका सामना अथर्व से होता है, जो आखिरी में उसकी जीभ काटकर उसे गूंगा बना देता है। आर्या होश में आ जाती है और नॉर्मल हो जाती है, अब कहा जा सकता है कि तीसरे पार्ट में आर्या खुद इस लड़ाई में उतरेगी और नया विलेन भी आ सकता है। वहीं अब शैतान 2 भी जल्द ही आ सकती है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।