क्या इब्राहिम, Suhana Khan जैसे स्टार किड्स के लिए OTT है सॉफ्ट लॉन्च पैड? थिएटर का रिस्क क्यों नहीं लेना चाहते मेकर्स
पिछले कुछ समय पहले सुपरस्टार्स के बच्चों को बड़े पर्दे पर लॉन्च किया जाता था। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि थिएटर में दर्शकों खींचने की चुनौती को देखते हुए ओटीटी को प्रैक्टिस प्लैटफॉर्म बना दिया गया है। इस हिसाब से देखा जाए तो ये उनके लिए एक प्रैक्टिस मैच जैसा हो गया कि ऑडियंस जुटाइए चले तो ठीक और अगर नहीं चले तो अगले की तैयारी।

एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। साल 2014 में अर्जुन कपूर ने मीडिया में एक टिप्पणी की थी जिसके बाद मीडिया में उनकी काफी ज्यादा आलोचना भी हुई थी। अर्जुन कपूर ने कहा था, "मुझे संदेह है कि हमारी पीढ़ी के अभिनेता कभी भी खान, अजय देवगन, अक्षय कुमार जैसे स्टारडम के शिखर तक पहुंच पाएंगे। हम सभी बहुत सुलभ हो गए हैं और स्टारडम की क्वालिटी बहुत कम हो गई है।" यह टिप्पणी उस समय की गई थी जब न तो फिल्म इंडस्ट्री में ओटीटी नाम की कोई चीज थी और न ही दुनिया में कोविड नाम की कोई महामारी थी।
अर्जुन कपूर ने क्या किया था कमेंट?
हालांकि उस समय अर्जुन कपूर को ये कहकर ट्रोल किया गया कि उनमें खानों के स्टारडम से मेल खाने के लिए कड़ी मेहनत करने की इच्छाशक्ति की है जिसकी वजह से वो इस तरह के कमेंट करके बचना चाह रहे हैं। उस समय इंटरनेट को शायद ही इस बात का एहसास हुआ हो कि अर्जुन कपूर ने वास्तव में सच बोला था।
यह भी पढ़ें: खुशखबरी! Panchayat 4 की रिलीज का चल गया पता, इन 2 सीरीज के नए सीजन पर भी आया अपडेट?
स्टारडम खत्म नहीं होता। लेकिन अब यह बिखर गया है, कम हो गया है और पिछले कुछ सालों में इसके आयाम काफी बदल गए हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तो शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान, सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान या फिरआमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्में सिनेमाघरों में क्यों नहीं रिलीज हुई? इसे ओटीटी का सहारा क्यों लेना पड़ा।
इनकी फिल्मों से ज्यादा इनका इंस्टाग्राम प्रोफाइल बोलता है और इनका मजबूत पीआर जो इनसे ये सब काम करवा रहा है। आखिरकार,फिल्म बिजनेस अब केवल अभिनय के बारे में नहीं है।
पहले थिएटर से किया जाता था लॉन्च
पीछे देखे तो साल 2000 में ऋतिक रोशन, करीना कपूर और अभिषेक बच्चन जैसे स्टार किड्स ने बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत की। किसी को भी उस तरह की सफलता नहीं मिली, जैसी ऋतिक रोशन ने अपनी पहली फिल्म 'कहो ना प्यार है' से हासिल की। फिर भी, स्टार किड्स को थिएटर में लॉन्च किया जा रहा था। उस समय, न तो ओटीटी मौजूद था और न ही अभिनेताओं को अपने डेब्यू फ्राइडे के अलावा किसी और चीज की चिंता करनी पड़ती थी।
जोया अख्तर ने तीन स्टार किड्स पर चला दांव
रणबीर कपूर, सोनम कपूर, जैकी भगनानी से लेकर आलिया भट्ट, वरुण धवन और अनन्या पांडे तक सबके लिए थिएटर लॉन्चिंग पैड था। लेकिन स्टार किड्स की मौजूदा पीढ़ी के लिए ऐसा नहीं है। सुहाना खान, इब्राहिम अली खान, खुशी कपूर, अगस्त्य नंदा, जुनैद खान इन सभी को ओटीटी पर लॉन्च किया गया। वहीं इसमें सबसे बड़ा हाथ आता है निर्माता जोया अख्तर का। जोया ने एक फिल्म में तीन स्टार किड्स को लॉन्च करने का बड़ा काम अपने कंधों पर लिया।
बुरी तरह फ्लॉप हुई थी फिल्में
शाहरुख खान और गौरी खान की बेटी सुहाना खान, श्रीदेवी और बोनी कपूर की बेटी खुशी कपूर,अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा सभी ने साल 2023 में द आर्चीज से डेब्यू किया। जुनैद खान की महाराज नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई। इन स्टार किड्स में एकमात्र अपवाद रवीना टंडन और अनिल थडानी की बेटी राशा थडानी हैं, जिन्होंने आज़ाद के साथ थिएटर में डेब्यू किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही।
क्या है ओटीटी लॉन्च का कारण
अब सवाल ये आता है कि इन स्टार किड्स को OTT प्लेटफॉर्म पर क्यों लॉन्च किया जा रहा है? क्या OTT प्रीमियर की भव्यता और परिमाण थिएटर रिलीज से कम हैं? न ही देश भर में प्रचार और सोशल मीडिया पर इसके लिए कम पैसा खर्च किया जा रहा है। इस वजह से इसके पीछे का कारण बॉक्स ऑफिस प्रेशर तो बिल्कुल नहीं हो सकता। ओटीटी को सेफ लॉन्च कहा जा सकता है लेकिन ये रातोंरात सफलता तो बिल्कुल निश्चित नहीं करता।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।