विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'थप्पड़ कांड' से बदली थी Shammi Kapoor की किस्मत, कैसे हाथ लगी थी आइकॉनिक फिल्म तीसरी मंजिल?

Published: Tue, 13 Oct 2026 03:03 PM (IST)

फिल्म तीसरी मंजिल की कहानी के साथ-साथ शम्मी कपूर ने फिल्म के गानों को भी यादगार बना दिया। हालांकि, आपको ...और पढ़ें

इत्तेफाक से शम्मी कपूर को मिली थी तीसरी मंजिल/फोटो-इंस्टाग्राम

इत्तेफाक से शम्मी कपूर को मिली थी तीसरी मंजिल/फोटो-इंस्टाग्राम

HighLights

  1. देवानंद की गलती से मिली शम्मी कपूर को फिल्म

  2. शराब पीकर पार्टी में निर्देशक से भिड़े थे एक्टर

  3. एक छोटी सी बात पर निर्देशक संग हुई थी तीखी बहस

एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। शम्मी कपूर (Shammi Kapoor) की सबसे यादगार फिल्मों का जिक्र जब भी होता है, तो उसमें साल 1966 में रिलीज फिल्म 'तीसरी मंजिल' शामिल होती है। मूवी की कहानी तो लोगों को बेहद पसंद आई ही थी, लेकिन इसका सबसे पॉपुलर गाना 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' आज भी पार्टीज की शान बना हुआ है।

जबरदस्त इमोशन और एक्सप्रेशन से शम्मी कपूर ने इस फिल्म को हिंदी सिनेमा की कल्ट फिल्मों में शामिल करवा दिया। हालांकि, आपको ये जानकर हैरानी होगी की फिल्म के लिए शम्मी कपूर कभी पहली च्वाइस थे ही नहीं। ये फिल्म तो बस उनके खाते में देवानंद की एक गलती की वजह से चली गई थी।

हीरोइन की सगाई में लड़ पड़े थे देवानंद

फिल्म देवानंद से छीनकर शम्मी कपूर को देने वाला ये किस्सा नासिर हुसैन के भतीजे और बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने सुनाया था। मैशबेल इंडिया से खास बातचीत करते हुए आमिर खान ने बताया था कि 'तीसरी मंजिल' पहले देवानंद के साथ बन रही थी और उसके निर्देशन की कमान नासिर हुसैन संभाल रहे थे। वह तीसरी मंजिल के साथ-साथ बहारों के सपने भी प्रोड्यूस कर रहे थे, जिसका निर्देशन देवानंद के भाई विजय आनंद ने किया था और उसमें राजेश खन्ना थे।

Untitled design - 2026-10-13T145845.597

देवानंद के कमेंट से चिढ़ गए थे नासिर हुसैन

तीसरी मंजिल और बहारों के सपने दोनों ही फिल्मों पर साथ-साथ काम चल रहा था, लेकिन चीजें तब बिगड़ी जब एक्ट्रेस साधना की सगाई में बात हाथापाई तक पहुंच गई। साधना की इंगेजमेंट पार्टी से जुड़ा किस्सा सुनाते हुए आमिर खान ने कहा, "नसीर साहब देवानंद के साथ तो दोस्त थे ही, लेकिन वह विजय आनंद के बहुत ही करीब थे।"

आमिर खान ने बात करते हुए आगे बताया कि जब साधना की सगाई की पार्टी चल रही थी, तो बातों ही बातों में देवानंद ने नासीर हुसैन की दोनों फिल्मों 'तीसरी मंजिल' और 'बहारों के सपने' की तुलना शुरू कर दी। उन्होंने तीसरी मंजिल को बिग बजट फिल्म बताया और तीसरी राजेश खन्ना के बहारों के सपनों को छोटी मूवी। यह बात नसीर हुसैन के कानों तक पहुंची, तो वह देव साहब से बात करने पहु्ंचे और दोनों में तीखी बहस हो गई।

Untitled design - 2026-10-13T150005.786

हाथापाई में बदल गई थी लड़ाई

आमिर खान ने चाचा नासिर हुसैन की बताई कहानी के आधार पर कहा, "नासिर साहब ने लड़ाई में देवानंद को कहा कि कोई भी छोटी और बड़ी फिल्में नहीं होती हैं। दोनों के बीच लड़ाई जल्द ही हाथापाई में बदल गई। खुद साधना जी ने भी ये बताया था कि दोनों दारू पीकर बहुत झगड़ रहे थे। इस लड़ाई के बाद नासिर हुसैन ने ये डिसीजन लिया कि देवानंद फिल्म का हिस्सा नहीं होंगे और उन्होंने तीसरी मंजिल से सुपरस्टार को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

नासिर साहब ने देवानंद को फिल्म से बाहर करने के साथ-साथ खुद भी मूवी छोड़ने का निर्णय लिया और ये फिल्म विजय आनंद को सौंप दी, जो उनके परम मित्र थे। देवानंद के हटने के बाद फिल्म में शम्मी कपूर को लिया गया और जब एक्टर की एंट्री हुई तो कल्ट मूवी ने सिनेमा में इतिहास रच दिया।

यह भी पढ़ें- मुंबई की सड़कों पर बनी थी 72 साल पुरानी फिल्म, बगैर सेट के असली लोकेशन पर हुई थी शूटिंग

यह भी पढ़ें- दिल्ली के रोमांटिक मौसम में जरूर सुने Mohammed Rafi का गाना, कुतुब मीनार में हुई थी Cult सॉन्ग की शूटिंग