68 साल पहले चलती ट्रेन में बना Dev Anand का ये टाइमलेस गाना, प्यार में पड़े लोग आज भी गुनगुनाते हैं कल्ट सॉन्ग
68 साल पहले आया ये आइकॉनिक गाना दशकों बाद भी सदाबहार बना हुआ है और बॉलीवुड के कल्ट गीतों में शुमार है।
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देव साहब और वहीदा रहमान पर फिल्माया गया कल्ट सॉन्ग
HighLights
देव साहब और वहीदा रहमान पर फिल्माया गया कल्ट सॉन्ग
हेमंत कुमार की आवाज में बना सदाबहार
68 साल बाद भी है आइकॉनिक
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा म्यूजिक के मामले में सदाबहार रहा है। हर दशक में कोई ना कोई महान संगीतकार, गीतकार होता है और उनके गीत हमेशा के लिए आइकॉनिक बन जाते हैं। एक ऐसा ही गाना है 60 के दशक का जिसे बने हुए तो 68 साल हो गए लेकिन यह गीत आज भी लोगों की जुबां पर चढ़ा रहता है।
6 दशक बाद भी अमर है गाना
गाने की सबसे दिलचस्प बात इसके बैकग्राउंड में बजती हुई मशहूर माउथ ऑर्गन की धुनें हैं जिन्हें असल में S.D. बर्मन के टैलेंटेड बेटे और मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर R.D. बर्मन (पंचम दा) ने बजाया था। गाने के बोल हैं- है अपना दिल तो आवारा, ना जाने किसपे आएगा (Hai Apna Dil Toh Awara)।
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चलती ट्रेन में फिल्माया गया था गीत
फिल्म में यह गाना देव आनंद (Dev Anand) पर फिल्माया गया है, जिसमें वे ट्रेन के डिब्बे में वहीदा रहमान (Waheeda Rehman) के साथ सफर करते हुए माउथ ऑर्गन बजाते हैं और रात भर के सफर के दौरान उन्हें रिझाने की कोशिश करते हैं।
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म्यूजिक लवर्स का फेवरेट
फिल्म में इस गाने के दो वर्शन थे - एक खुशनुमा और दूसरा दिल को छू लेने वाला दुखद वर्शन। हालांकि, इसका खुशनुमा वर्शन बहुत ज्यादा मशहूर हुआ और एक तरह से कल्चरल फिनोमेना बन गया। दशकों बाद भी यह म्यूजिक लवर्स की प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है और आज भी लोग इसे खुशनुमा अंदाज में गुनगुनाते हैं।
यह एवरग्रीन सॉन्ग 1958 में रिलीज हुई फिल्म सोलवां साल (Solva Saal) का है। इस गाने के लिरिक्स मजरू सुल्तानपुरी ने लिखे थे और दिग्गज गायक हेमंत कुमार ने इसे अपने सुरों से सजाया था जो देव आनंद के चुलबुले अंदाज में एकदम सही बैठती है।
'सोलवां साल' के बारे में
'सोलवां साल' 1958 में रिलीज हुई थी जिसके डायरेक्टर राज खोसला हैं। इस फिल्म में देव आनंद और वहीदा रहमान ने काम किया है। फिल्म का संगीत सचिन देव बर्मन ने दिया है और गाने मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे हैं।
