Namak Haraaam: अमिताभ बच्चन से चालाकी जब राजेश खन्ना को पड़ी थी भारी, एक पल में छिन गया था स्टारडम
साल 1973 में रिलीज हुई नमक हराम का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था। फिल्म में राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म की रिलीज के बाद अमिताभ की किस्मत चमकी थी और पहली बार सभी का ध्यान लीड हीरो से हटकर सपोर्टिंग एक्टर पर गया था।

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 1973, अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के लिए सबसे शानदार साल और राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के स्टारडम की दीवार चटकने लगी। किसे पता था, हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना की लाइमलाइट बिग बी बटोर लेंगे।
यह सिलसिला शुरू हुआ ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म नमक हराम (Namak Haraam) से। आनंद बनाने के बाद फिल्ममेकर एक बार फिर बड़े पर्दे पर राजेश और अमिताभ को साथ लेकर आए। यह पिल्म 1964 में आई हॉलीवुड क्लासिक बेकेट (Becket) की हिंदी रीमेक थी।
नमक हराम में जमी थी राजेश-अमिताभ की जोड़ी
लीड रोल में उस वक्त के सुपरस्टार रहे राजेश खन्ना थे और अमिताभ बच्चन सपोर्टिंग रोल में थे। कहानी कुछ ऐसी थी कि सोमू (राजेश) एक गरीब और आदर्शवादी किस्म का था और कमजोर के लिए लड़ता था। दूसरी ओर विक्की (अमिताभ) एक अमीरजादा अहंकारी था जिसके मिल में सोमू काम करता है। बेकेट के क्लाइमेक्स में था कि विक्की के कैरेक्टर की मौत हो जाती है लेकिन नमक हराम का क्लाईमेक्स एकदम अलग था।
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राजेश खन्ना ने चेंज करवाया था क्लाइमेक्स
जब नमक हराम बन रही थी, उस वक्त राजेश एक सुपरस्टार थे और अमिताभ बच्चन को फ्लॉप स्टार माना जाता था। हालांकि, आनंद के बाद उनके पास कई बड़ी फिल्में थीं जिनसे उनकी किस्मत चमकने वाली थी। जब फिल्म बन रही थी, तब ऋषिकेश ने फिल्म का क्लाइमेक्स सीन अमिताभ को नहीं बताया था। ऐसा इसलिए क्योंकि राजेश ने उनसे क्लाइमेक्स चेंज करवा दिया था।
अमिताभ बच्चन को लगा था बुरा
यासीर उस्मान के मुताबिक, राजेश खन्ना चाहते थे कि क्लाइमेक्स में उनका डेथ सीन हो, क्योंकि वह हीरो हैं। लाख समझाने के बावजूद वह नहीं माने तो फिल्ममेकर को चेंज करना ही पड़ा। जब यह सीन फिल्माने गए, तब जाकर अमिताभ बच्चन को इसका पता चला और वह बहुत नाराज हुए। उन्होंने कई दिनों तक तो ऋषिकेश से तो बात भी नहीं की थी। उन्हें लगा कि डायरेक्टर ने उन्हें धोखा दिया है।
अमिताभ बच्चन का उड़ा था मजाक
फिल्म की शूटिंग लगभग खत्म हुई और यह सिनेमाघरों में उतरने से पहले डिस्ट्रीब्यूटर्स को दिखाई गई। उस वक्त तक अभिनेता एक फ्लॉप एक्टर में गिने जाते थे। ऐसे में सपोर्टिंग रोल में अमिताभ बच्चन का किरदार देख लोगों को लगा कि वह हीरो हैं और राजेश का स्पेशल अपीयरेंस है। उन्होंने अमिताभ के हेयरस्टाइल का भी मजाक उड़ाया।
अमिताभ बच्चन बन गए थे स्टार
इसके बाद जंजीर मूवी रिलीज हुई और अमिताभ रातोंरात स्टार बन गए। उस वक्त डिस्ट्रीब्यूटर्स फी उनकी फिल्मों के लिए बेताब हो गए। उन्होंने यहां तक कहा कि अमिताभ का सीन बढ़ाया जाए। फिल्म रिलीज से पहले वह सिर्फ एक को-स्टार थे, लेकिन नमक हराम आने के बाद राजेश खन्ना पर भी भारी पड़ गए।
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