35 रुपये सैलरी, 16 किलोमीटर का पैदल सफर, संघर्ष से सुपरस्टार तक नाना पाटेकर की अनकही कहानी
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। ऐसे में हम आपको उनसे जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं।

नाना पाटेकर का हुआ निधन (फोटो क्रेडिट- स्क्रीन शॉट)
HighLights
75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन
13 साल की उम्र में शुरू की थी नौकरी
संघर्स से भरपूर रहा था अभिनेता का जीवन
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। विश्वनाथ पाटेकर यानी अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में अचानक से निधन हो गया है। 8 अक्टूबर की तड़के सुबह कार्डियक अरेस्ट की वजह से नाना ने इस दुनिया को अलविदा कहा दिया है। सिनेमा जगत के महान अभिनेता और दिल के अच्छे इंसान के तौर पर उन्हें याद किया जाएगा।
लेकिन नाना पाटेकर की कहानी सिर्फ एक सुपरस्टार तक सीमित नहीं थी। बल्कि सिल्वर स्क्रीन पर राज करने से पहले उन्होंने बहुत छोटी सी उम्र से जीवन की सच्चाई से रूबरू होना शुरू कर दिया था।
संघर्ष से भरा रहा बचपन
1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में रहने वाल एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में नाना पाटेकर का जन्म हुआ था। उनका बचपन काफी संघर्ष में गुजरा था। साल 2024 में दैनिक जागरण को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान नाना साहब ने उन दिनों को याद किया था, जब उन्होंने 13 साल की उम्र में नौकरी करना शुरू कर दिया था। नाना ने बताया था-
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संघर्ष से मेरे नाता बचपन में ही जोड़ गया था। मेरे घर की आर्थिक स्थिति उस वक्त कुछ खास नहीं थी और मुझसे मेरी मां का दुख देखा नहीं जाता था। तो मैंने फैसला कर लिया था कि अब मुझे अपने मां और परिवार का हाथ बंटाना है। 13 साल की उम्र में मैंने पहली नौकरी की थी, जिसके लिए घर 8 किलोमीटर दूर जाना और आना होता था। इस तरह से 16 किलोमीटर तक रोज पैदल चलता था। उसके लिए मुझे महज 35 रुपये मिलते थे। मेरे काम के बारे में जानकर आपको हैरानी होगी, मैं फिल्मों के पोस्टर्स को पेंट करता था।

इस तरह से नाना पाटेकर ने अपने बचपन के संघर्ष के बारे में खुलकर बात की। आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके सादगी के चर्चे सिनेमा जगत में हमेशा याद किए जाएंगे।
80 करोड़ से अधिक की नेटवर्थ
बेशक नाना पाटेकर के शुरुआत दिन काफी अच्छे नहीं रहे थे। लेकिन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जाता है कि वह अपने पीछे करीब 80 करोड़ से अधिक की नेटवर्थ छोड़कर गए हैं। जो इस बात का प्रमाण हैं कि नाना ने संघर्ष से शोहरत का सफर बड़े शानदार तरीके से तय किया था।
सोने से था लगाव
दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने इस बात का भी खुलासा किया था कि उनकी मां सोना (गोल्ड) काफी पसंद था। इसी वजह से उनका भी लगाव सोने से हो गया था और वह हर फिल्मों की कमाई से अपनी मां के लिए गोल्ड खरीद कर लेकर जाते थे।
