जब एक ही लाइन पर अटके रहे Mohammed Rafi, बाद में लता दीदी ने गाया था पूरा गीत; 54 साल से है सदाबहार
54 साल पहले Lata Mangeshkar के साथ स्टूडियो में Mohammed Rafi गाना गा रहे थे, लेकिन वह सिर्फ एक ही लाइन पर अटके रह गए।

एक लाइन पर अटके थे रफी साहब
HighLights
कल्ट गाने के एक लाइन पर अटके थे रफी साहब
रफी के बाद लता मंगेशकर ने गाया था पूरा गाना
54 सालों से कल्ट बना हुआ रोमांटिक गाना
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) सिनेमा के दिग्गज गायक हैं। जो भी उनकी आवाज सुनता तो वह खो जाता है। रफी साहब बात कम करते थे। वह अपनी एनर्जी बचाकर रखते थे, ताकि रिकॉर्डिंग के वक्त वह गीत में अपनी जान फूंक दे और सुनने वाला खो जाए और ऐसा ही होता भी था।
मगर क्या आपको पता है क 54 साल पहले एक ऐसा गीत आया था जिसमें मोहम्मद रफी सिर्फ एक लाइन पर अटके रहे थे और पूरा गाना 'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने गा लिया था। पूरे गाने में रफी साहब सिर्फ एक ही लाइन पर अटके रहे थे।
रफी-लता का कल्ट गाना
यह गीत सिनेमा के कल्ट क्लासिक फिल्मों में शुमार था। इस गाने में राज कुमार (Raaj Kumar) अपने 'दिलदार' को चांद के पार ले जाने की बात कह रहे हैं। जिस गीत की हम बात कर रहे हैं, वो है 'चलो दिलदार चलो' (Chalo Dildar Chalo)।
राज कुमार पर फिल्माया गया था गीत
यह गाना 'पाकीजा' (Pakeezah) फिल्म का है जिसमें राज कुमार, मीना कुमारी, अशोक कुमार और नादिरा मुख्य भूमिका में थे। 14 सालों में बनकर तैयार हुईं इस कल्ट क्लासिक फिल्म के सभी गाने अमर हो गए। इनमें से एक 'चलो दिलदार चलो' है जिसे मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) और लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने गाया था।
शूटिंग के वक्त बीमार थीं मीना
इस गाने में मीना कुमारी का चेहरा नहीं दिखाया गया था। दरअसल, गाने की शूटिंग के वक्त मीना कुमारी की तबीयत खराब थी जिसकी वजह से उनकी बजाय गाने को उनकी बॉडी डबल पद्मा खन्ना (Padma Khanna) ने गाने की शूटिंग की थी। इसी वजह से गाने में उनका चेहरा नहीं दिखाया गया था।

एक लाइन पर अटक रहे थे रफी
'चलो दिलदार चलो' एक रोमांटिक गाना है जिसमें प्रेमी अपनी प्रेमिका को इस दुनिया से दूर किसी काल्पनिक और खूबसूरत लोक (चांद के पार) में खो जाने की बात कह रहा है। इस गाने को कैफ भोपाली (Kaif Bhopali) ने लिखे थे। उनके बोल दिल को छू जाते हैं। म्यूजिक डायरेक्टर गुलाम मोहम्मद थे जिन्होंने गाने का संगीत बनाया और इस रफी साहब और लता से इसे गाने के लिए कहा।
मगर दिलचस्प बात यह है कि इस कल्ट गीत में रफी साहब सिर्फ एक ही लाइन पर अटके रहे और लता मंगेशकर ने पूरा गाना गा लिया था। 'किस्से विद किशोर' के मुताबिक, रफी साहब गाने में बार-बार सिर्फ ही लाइन 'चलो दिलदार चलो, चांद के पार चलो' गाते हैं। वहीं, लता ने बाकी की लाइंस गाई थीं। दोनों ने मिलकर इस गाने को सदाबहार बना दिया।
