टीवी से लेकर ओटीटी ऐड तक, क्या आपको पता है देश का पहला विज्ञापन? इस चीज की हुई थी बिक्री
आज हम टीवी पर कई तरह के ऐड देखते हैं। खाने पीने की चीजों से लेकर पहनने ओढ़ने तक। टीवी पर हर तरही की चिज का विज्ञापन किया जाता है। पर क्या आपने कभी ये सोचा है वो कौन-सा विज्ञापन होगा जिसे सबसे पहले टीवी पर दिखाया गया है। साथ ही वो क्या चीज होगी जिसका प्रसारण किया गया होगा। आइए जानते हैं जवाब...

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। टीवी ने आज के दौर में कहीं न कहीं अपनी पहचान खो दी है। एक समय था जब टीवी पर दिखाए जाने वाले शोज का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते थे। ओटीटी के इस जमाने में टीवी का महत्व खत्म हो गया है। आज हम उस टीवी ऐड की बात करने वाले हैं जिसे ऑडियंस के लिए सबसे पहले रिलीज किया गया था।
ये दौर दूरदर्शन (Doordarshan) का था। सह कुछ काफी धीमा और शांत हुआ करता था। बिना किसी भाग दौड़ के लोग सुलझा हुआ जीवन बिताते थे। उस समय टीवी विज्ञापन भी सादे और मजेदार हुआ करते थे। दूरदर्शन के सीरियल, दूरदर्शन के धार्मिक धारावाहिक या फिर बच्चों के धारावाहिक सबको देखने में एक अलग मजा आता था।
जब दर्शकों ने देखा पहली विज्ञापन
उस दशक की यादें आज भी कुछ लोगों के दिलों में जिंदा हैं। भारत का पहला टेलीविजन विज्ञापन पहली जनवरी 1976 को प्रसारित हुआ था। ये विज्ञापन ग्वालियर शूटिंग्स का बताया जाता है। इस विज्ञापन के बाद भारत में विज्ञापनों की पूरी दुनिया ही बदल गई। यही नहीं, 1982 में जब टीवी रंगीन हो गया तो उस समय पहला रंगीन विज्ञापन बॉम्बे डाइंग का था। धीरे धीरे एड्स की लोकप्रियता बढ़ती चली गई।
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दूरदर्शन के बारे में...
दूरदर्शन की बात करें तो इसक स्थापना 15 सितंबर, 1959 में की गई में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा की गई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि कृषि दर्शन दूरदर्शन पर दिखाया जाने वाला सबसे लंबा शो है। इस प्रोग्राम ने कई किसानों की मदद की है। इसकी शुरुआत 26 जनवरी, 1967 को हुई थी।
1982 में आते आते दूरदर्शन भारत का नेशनल ब्रॉडकास्टर बन गया था।1982 में भारत में कलर टेलीविजन का आगाज हुआ तो हर किसी के दिलों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। यही नहीं, 1982 के दिल्ली में हुए एशियन गेम्स के दौरान प्रसारण को रंगीन कर दिया गया। इस तरह दूरदर्शन का समय के साथ विकास होता चला गया।
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जब रंगीन हुआ टेलीविजन
1982 में रंगीन टेलीविजन आने के बाद लोगों का रूझान इस ओर अधिक बढ़ा। एशियाई खेलों का दूरदर्शन पर प्रसारण ने भारतीय टेलीविजन में क्रांतिकारी बदलाव लाए। 1966 में कृषि दर्शन कार्यक्रम देश में हरित क्रांति का सूत्रधार बना। कृषि दर्शन सबसे लंबा चलने वाला दूरदर्शन का कार्यक्रम है। हम लोग, बुनियाद, नुक्कड़, रामायण, महाभारत जैसे कार्यक्रमों ने दूरदर्शन की लोकप्रियता को आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम किया था।
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