Exclusive: 'सिगरेट पीते ही हालत..','Jailer 2' के सेट पर डर गईं Vidya Balan, रजनीकांत के सामने हुआ कुछ ऐसा
विद्या बालन जल्द ही रजनीकांत के साथ फिल्म जेलर 2 में दिखाई देंगी। एक्ट्रेस ने दैनिक जागरण से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू ...और पढ़ें

विद्या बालन से जेलर 2 को लेकर एक्सक्लूसिव बातचीत /फोटो-इंस्टाग्राम
HighLights
सिगरेट पीने के बाद विद्या की हुई थी हालत खराब
रजनीकांत के व्यवहार को लेकर एक्ट्रेस ने बोली ये बात
एक्सक्लूसिव बातचीत में विद्या ने जेलर 2 के खोले राज
अंकित सिंह तोमर, नई दिल्ली। जेलर 2 (Jailer 2) के साथ रजनीकांत जल्द ही स्क्रीन पर धमाल मचाते हुए दिखाई देंगे। फिल्म की एडवांस बुकिंग काफी अच्छी चल रही है। एक तरफ जहां सुपरस्टार फिल्म में फिर से IPS ऑफिसर मुथुवेल पांडियन 'टाइगर'बनकर लौट रहे हैं। तो वहीं मूवी में उनके साथ कई और नए चेहरे जुड़ रहे हैं।
जेलर 2 का हिस्सा बनने वाले कलाकारों में से एक सबकी चहेती विद्या बालन(Vidya Balan) भी हैं, जिनका मूवी में कांथा कल्पक का किरदार है। हाल ही में विद्या बालन ने दैनिक जागरण के संवाददाता अंकित सिंह तोमर से एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए सेट से जुड़े कई अनसुने किस्से शुरू किए। साथ ही सिगरेट पीने को लेकर भी उन्होंने मजेदार किस्सा सुनाया। पढ़ें उनसे बातचीत के कुछ अंश:
विद्या हमने देखा है कि आप किसी किरदार को करने से पहले डरती नहीं हैं जेलर में भी ये देखने को मिला, कांता का किरदार करने से पहले आपको कोई झिझक हुई थी?
नहीं बिल्कुल नहीं। जब मैंने जेलर देखी थी तो मुझे बहुत अच्छी लगी थी। जब नेल्सन मेरे पास आए तो मैं बहुत एक्साइटेड थी, क्योंकि मुझे उनकी स्टोरी टेलिंग अच्छी लगी। बहुत ही अनएक्सपेक्टेड मोमेंट में वो ह्यूमर ले आते हैं। बहुत ही एंटरटेनिंग फिल्म होती है उनकी, तो मैंने सोचा कि रजनी सर की फिल्म में मेरे लिए जगह कहां है।
मैं बहुत एक्साइटेड थी, क्योंकि नेल्सन ये फिल्म लिख रहे थे और डायरेक्ट कर रहे थे और रजनी सर इसमें थे। जब उन्होंने फिल्म के बारे में बताया तो मुझे बहुत दिलचस्प लगा। हालांकि, किरदार का स्क्रीन टाइम उतना नहीं है, लेकिन जो लाइनें उन्होंने लिखी हैं और जिस तरह से पेश किया है, मैंने उसे बहुत ही एन्जॉय किया।

ये किरदार क्या ग्रे शेड की तरफ जा रहा है, इसमें आपके लिए नया क्या है?
हां ये किरदार मेरे लिए नया है। सच कहूं तो मैं हमेशा से इस तरह के किरदार के लिए भूखी थी। मेरी काल्पनिक शक्ति उतनी तेज नहीं है। मेरी ख्वाहिश है कि मैं हर तरह का किरदार करूं। एक जैसा नहीं, हर शेड ग्रे-ब्लैक-व्हाइट सब तरह का किरदार निभाऊं। जैसे मैंने राजा शिवाजी में बड़ी बेगम का किरदार निभाया था, उसमें भी ग्रे शेड्स थे। ये कनिंग औरत का किरदार था। जब नेल्सन ने मुझे ये नैरेट किया तो मुझे लगा कि यही थी मेरी भूख। कभी-कभी जब आपका खट्टा खाने का मन कर रहा है, तो अगर आप ऑरेंजेस का एक हिस्सा भी खा लो, तो आपका मन भी संतुष्ट हो जाता है।
संतरा खाने की जरूरत नहीं, मैं इसे उसी तरह से देखती हूं। मैं सब शेड्स को एक्सप्लोर करना चाहूंगी, इसलिए ही मैं एक्टर बनी हूं। एक बात होती है चाहना, दूसरी बात होती है मिलना, जब वो मिलता भी है तो कई चीजों को एक साथ लाना पड़ता है। वो कहते हैं ना जब कायनात आपकी ख्वाहिशों को पूरा करने पर जुड़ती है, तो आपके अंदर सारे इमोशन्स साथ में आ जाते हैं।

आप सेट पर जाते हुए डर गई थीं, वो क्या किस्सा था?
मुझे सिगरेट पीने की आदत नहीं है। हालांकि, मैंने डर्टी पिक्चर में पी है और अब बहुत टाइम से पी नहीं थी। जैसे साइकिल चलाने के बाद हम भूलते नहीं है, ऐसे ही मुझे भी लगा कि मैं सेट पर जाकर सिगरेट पी लूंगी। मैंने सेट पर सिगरेट पी और निकोटीन की वजह से मुझे हिट हुआ। मेरा हाथ कांपने लगा। मैं उस वजह से इतना शर्मिंदा हुई, क्योंकि मैं एक एक्टर हूं। एक एक्टर के रूप में आपको नहीं लगता कि आप इन चीजों के लिए तैयार रहते हो। तो मैं सेट पर जैसे ही पहुंची और सिगरेट की पहली गश ली तो मुझे हिट हुआ। मैं टेक कर रही थी।
शुरुआत के टेक में तो ठीक था, लेकिन उसके बाद जो हाथ कांपने लगा, तो मैंने कहा ओह गॉड रजनी (Rajnikanth) सर भी हैं। मैं हर सीन में स्मोक नहीं कर रही हूं, तो मुझे लगा ओह माय गॉड। नेल्सन मुझे बोलते हैं कि दिक्कत ये है कि आप बहुत ही हेल्दी लाइफ स्टाइल जीती हैं। आपके हाथ कांप रहे हैं। मैंने फिर रजनी सर को कहा और डायरेक्टर को भी कहा कि मैं सेट पर आकर सुबह पहले सिगरेट फूकूंगी।
ये बहुत ही फनी घटना है, क्योंकि मैं अगले दिन गई सेट पर और अपने असिसटेंट को बोल रही थी कि हाथ देखो, मेरा हाथ हिल रहा है क्या? अब किसने सोचा था कि एक्टर होने का मतलब ये भी हो सकता है, ये एक एक्सपीरियंस है।

रजनी सर की कोई खास क्वालिटी या कोई ऐसी चीज जो सीखने लायक हो?
उनसे बहुत कुछ चीजे हैं, जो सीखने लायक है। जब उन्होंने सेट पर एंटर किया, तो मैं डायरेक्टर से खड़े होकर बात कर रही थी। मैंने देखा कि कोई मेरी तरफ चलकर आ रहे हैं, मुझे लगा कि जब रजनीकांत सेट पर आएंगे तो ढोल बजेंगे, क्योंकि वो रजनीकांत हैं। मैंने कई सितारों को देखा है, जो पूरे शोर शराबे के साथ एंट्री मारते हैं। मुझे यकीन नहीं हुआ कि चुपचाप से रजनी सर सेट पर आ गए थे।
वो बहुत ही दयालु, शांत स्वभाव के हैं। उन्हें किसी भी तरह के दिखावे की जरूरत नहीं पड़ती। वह सबसे मुस्कुरा कर मिलते हैं और चुपचाप बैठे रहते थे। मिथुन दा और उनकी तो खूब बनती है। वो एक-दूसरे की टांग खिंचाई इतनी करते थे कि उसे देखने में बहुत मजा आता था। वो अच्छे दोस्त हैं।
