ऑनर किलिंग जैसे मुद्दे को फिल्म में दिखाकर Karan Johar ने Dhadak के जरिए लिए बड़ा रिस्क, अब सीक्वल से क्या उम्मीद?
करण जौहर की नई फिल्म धड़क 2 का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी स्टारर फिल्म धड़क 2 साल 2017 में रिलीज हुई फिल्म धड़क का सीक्वल है जिसमें ईशान खट्टर और जाह्नवी कपूर नजर आए थे। इस फिल्म में जात पात का मुद्दा दिखाया गया जिसको लेकर शुरुआत में काफी विरोध भी हुआ था।

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। पांच साल बाद ईशान खट्टर और जाह्नवी कपूर स्टारर धड़क का सीक्वल आने वाला है। हाल ही में इसका ट्रेलर रिलीज किया गया। धड़क 2 आने वाले 1 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साल 2018 में आई थी धड़क
धड़क जब साल 2018 में रिलीज हुई थी तब उसे सैराट का रीमेक कहकर रिजेक्ट कर दिया गया। लोगों को कहानी भी ज्यादा पसंद नहीं आई क्योंकि उसमें सोशल स्टेटस की कहानी दिखाई गई थी। एक छोटे और गरीब घर के लड़के को बड़े घर की लड़की से प्यार हो जाता है। लेकिन शायद धड़क उस समय अपने समय से आगे रही होगी जिसे समाज तब स्वीकार नहीं कर पाया।
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झिंगाट गाने ने मचाया था बवाल
धड़क जब सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो इसे सिर्फ इस तरह देखा गया कि इस मूवी के जरिए दो स्टार किड्स, जान्हवी कपूर और ईशान खट्टर, को लॉन्च किया जा रहा है। फिल्म की कहानी को समझने की किसी ने कोशिश ही नहीं की। दूसरा करण जौहर का नाम, ऊपर से धर्मा प्रोडक्शन की पॉलिश, और बैकग्राउंड में बज रहा झिंगाट गाना सब उस चमक दमक में खो गए। उस गंभीर कहानी को सबने इग्नोर किया।
हाल ही में रिलीज हुआ है धड़क का ट्रेलर
अब, जब धड़क 2 का ट्रेलर धूम मचा रहा है और इस फ्रैंचाइज़ी में एक नए अध्याय की शुरुआत का वादा कर रहा है, एक सच्चाई है जिसे हमें स्वीकार करना होगा। अपनी तमाम खामियों के बावजूद, धड़क ने हमें एक मुख्यधारा के बॉलीवुड रोमांस के ढांचे में जाति-आधारित हिंसा की क्रूरता और ऑनर किलिंग की सामाजिक गंदगी दिखाने की हिम्मत दिखाई। यह कई मायनों में, अपने समय से आगे थी।
पर्दे पर दिखाया बोल्ड टॉपिक
इसने मल्टीप्लेक्स में दर्शकों को ऑनर किलिंग की सच्चाई से रूबरू कराया, जो पहले कभी जाति पर आधारित कोई फिल्म नहीं देखते थे। इसने खाने की मेज पर, चाहे सतही ही सही, इस बारे में चर्चा शुरू कर दी कि क्या आधुनिक भारत में जातिगत हिंसा अभी भी होती है। धड़क ने सैराट के क्लाइमेक्स को पूरे भारत के दर्शकों के सामने पेश किया, यहां तक कि उन लोगों के लिए भी जिन्होंने सैराट कभी नहीं देखी।
क्या है धर्मा प्रोडक्शन की खासियत?
धर्मा प्रोडक्शन की मूवीज और करण जौहर को शिफॉन की साड़ी में हीरोइन को नचाना, पाली हिल ब्रंच और नेपोटिज्म की बहस से जोड़ना आसान है। लेकिन धड़क, फिल्म निर्माता के लिए एक अलग तरह का जोखिम था। उन्होंने न केवल रीमेक के अधिकार हासिल किए, बल्कि एक ऐसी कहानी का निर्माण किया जिसने दर्शकों को प्रभावित किया।
करण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "जब आप किसी बेहतरीन स्रोत से फिल्म बनाते हैं, तो आप हमेशा जानते हैं कि तुलना होगी। आप अगर कुछ नहीं कर सकते तो बस उसे वो ऑनर दे दें।" धड़क सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं थी। यह एक ऐसी प्रेम कहानी थी जो मौत के मुंह में चली गई। और शायद अब पांच साल और एक सीक्वल जरिए हम आखिरकार इसे असल रूप में देखने के लिए फिर से तैयार हैं।
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