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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

72 Hoorain Trailer Twitter Review: आतंकवाद का कड़वा सच और प्रोपेगेंडा के बीच 72 हूरें, कॉन्सेप्ट की हुई चर्चा

By Vaishali ChandraEdited By: Vaishali Chandra
Published: Wed, 28 Jun 2023 02:33 PM (IST)

72 Hoorain Trailer Twitter Review पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर 72 हूरें की चर्चा चल रही है। फिल्म ...और पढ़ें

72 Hoorain Trailer Twitter Review, Instagram Post
72 Hoorain Trailer Twitter Review, Instagram Post

नई दिल्ली, जेएनएन। 72 Hoorain Trailer Twitter Review: संजय पूरन सिंह चौहान के डायरेक्शन में बनी फिल्म 72 हूरें का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। आतंकवाद और धर्म के नाम पर लोगों को बरगलाने की कहानी के इर्द- गिर्द घूमती इस फिल्म का कुछ दिनों पहले टीजर रिलीज किया गया था, जिसके बाद फिल्म पर विवाद शुरू हो गया।

इस कॉन्ट्रोवर्सी के बाद 72 हूरें को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ गई। वहीं, अब टीजर रिलीज होने के बाद फिल्म एक बार फिर सुर्खियां बटोर रही है। सोशल मीडिया पर 72 हूरें को लेकर कई तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है। साथ ही फिल्म के कॉन्सेप्ट की तारीफ भी हो रही है।

क्या है फिल्म की कहानी ?

72 हूरें के ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे धर्म के नाम पर लोगों का ब्रेनवाश किया जाता है और आतंकवादी संगठन का हिस्सा बनाया जाता है। फिल्म में आतंकवादियों को बताया जाता है कि अगर वो अपनी जान की परवाह किए बिना आत्मघाती हमला करेंगे और दूसरों की जान लेंगे तो मरने बाद उन्हें जन्नत और 72 हूरें मिलेंगी, लेकिन बाद में सच सामने आता है कि ये सारी बातें पूरी तरह झूठी है।

क्या बोले लोग ?

72 हूरें के ट्रेलर पर रिएक्ट करते हुए एक यूजर ने कहा, "72 हूरें एक ऐसी फिल्म है, जो दिखाती है कि कैसे आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्हें 72 हूरों का लालच देकर आतंकवादी बनाया जा रहा है। ये फिल्म उन सभी को देखनी चाहिए, जो टेररिज्म का विरोध करते हैं।"

एक अन्य यूजर ने कहा, "72 हूरें का ट्रेलर शानदार और कड़वे सच को बया करने वाला लग रहा है। ये कंटेंट की ताकत को दिखाने वाला है।"

फिल्म की कहानी पर बात करते हुए एक यूजर ने कहा, "मरने के बाद 72 हूरें नहीं मिलती...ये बस एक छलावा है...फिल्म आतंकवाद के खिलाफ यही संदेश देने की कोशिश कर रही है।"

ट्रेलर पर रिएक्ट करते हुए एक और यूजर ने कहा, "72 हूरें- ट्रेलर दिलचस्प लग रहा है। देखने लायक फिल्म है। अशोक पंडित और संजय पूरन सिंह चौहान को ऑल द बेस्ट। प्लीज ये निश्चित कर दें कि फिल्म पश्चिम बंगाल में बैन नहीं होगी।"

क्या फिल्म प्रोपेगेंडा है ?

72 हूरें को लेकर ज्यादातर लोगों ने अच्छी प्रतिक्रियाएं दी। वहीं, कुछ यूजर्स को फिल्म प्रोपेगेंडा लगी।