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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद बागियों पर एक्शन के मूड में शिअद

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sun, 12 Feb 2017 12:46 PM (IST)Updated: Sun, 12 Feb 2017 12:55 PM (IST)

पंजाब विधानसभा चुनाव निपटने के बाद शिअद ने बागियों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है। सुखबीर ने नेताओं ...और पढ़ें

पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद बागियों पर एक्शन के मूड में शिअद
पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद बागियों पर एक्शन के मूड में शिअद

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद शिअद प्रधान व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने पार्टी उम्मीदवारों को ऐसे नेताओं व वर्करों की रिपोर्ट तलब की है जिन्होंने चुनाव के समय पार्टी उम्मीदवार का विरोध किया था या जिससे उन्हें चुनाव में कोई शिकायत रही है। सुखबीर ने यह रिपोर्ट 15 दिन में देने को कहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद पार्टी ऐसे नेताओं पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।

कोर कमेटी की बैठक में सुखबीर ने अकाली-भाजपा गठजोड़ की लगातार तीसरी बार जीत का दावा किया। सुखबीर को नेताओं ने क्षेत्रवार शिअद-भाजपा गठबंधन के उम्मीदवारों की परफार्मेंस रिपोर्ट भी दी। सुखबीर ने डीएसजीएमसी के चुनाव के लिए सभी सीनियर नेताओं को 16 फरवरी से दिल्ली में ही डटने के निर्देश भी दिए, ताकि वहां पार्टी प्रत्याशियों की चुनाव प्रचार में मदद कर सकें। इसके लिए नेताओं की ड्यूटी लगा दी गई है।

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कोर कमेटी ने पंजाबभर में शांतिपूर्ण मतदान के लिए समूह पंजाबियों का धन्यवाद भी किया है। इसके अलावा चुनाव में कड़ी मेहनत करके पार्टी की जीत सुनिश्चित करने वाले पार्टी नेताओं और वर्करों को भी कमेटी ने धन्यवाद किया। बैठक में रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा, बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर, तोता सिंह, बीबी जागीर कौर, डॉ. उपिंदरजीत कौर, जनमेजा सिंह सेखों, डॉ. दलजीत सिंह चीमा व सिकंदर सिंह मलूका समेत दर्जन से ज्यादा पार्टी नेता मौजूद थे।

अकाली दल ने डेरा सिरसा से नहीं मांगा समर्थन

बैठक में यह भी बात सामने आई कि डेरा सिरसा से अकाली दल ने समर्थन नहीं मांगा था। कुछ पार्टी प्रत्याशियों ने अपने स्तर पर डेरे से समर्थन जरूर मांगा था। पार्टी नेताओं ने इस बात पर भी विचार किया कि किस तरह से यह प्रभाव खत्म किया जाए कि अकाली दल ने डेरा सिरसा से समर्थन मांगा था। कोर कमेटी ने महसूस किया कि डेरा सिरसा के समर्थन का दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव पर असर पड़ सकता है।

मालवा में आप से सीधा मुकाबला

कोर कमेटी के हरेक सदस्य का कहना था कि मालवा में अकाली दल का सीधा मुकाबला आम आदमी पार्टी के साथ है, जबकि माझा व दोआबा में अकाली दल और कांग्रेस में मुख्य मुकाबला था। डेरा सिरसा समेत विभिन्न डेरों के समर्थन पर भी बैठक में खुलकर चर्चा हुई। डेरा प्रेमियों करी ओर से अकाली उम्मीदवारों के हक में प्रचार करने व फिर अकालियों को वोट देने पर भी पार्टी नेताओं ने संतोष जताया।

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