नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली मानहानि मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी को सरकारी खजाने से 3.42 करोड़ रुपये भुगतान करने की सिफारिश सियासी रंग लेने लगी है। नगर निगम चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने इसे चुनावी हथियार बनाते हुए दिल्ली सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया है।

दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्लीवासियों के टैक्स का पैसा किसी को लुटाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके खिलाफ भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है। वहीं, भाजपा विधायक बुधवार को इस मुद्दे को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिलेंगे।

दिल्ली नगर निगम चुनाव और राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव के ठीक पहले भाजपा को आप के खिलाफ बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया है। अब वह इसे भुनाने में लग गई है। मनोज तिवारी ने कहा कि जिस पैसे से झुग्गी बस्तियों में पानी और सीवर की सुविधा मिलनी चाहिए, उसे केजरीवाल अपने वकील की फीस और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रचार प्रसार पर खर्च कर रहे हैं।

यह दिल्लीवासियों के टैक्स के पैसे की लूट है। दिल्लीवासियों को मिलकर इसे रोकना होगा। दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल पहले बिना किसी सुबूत के बड़ी हस्तियों पर अपमानजनक बयान देकर उनकी मानहानि करते हैं।

मामला जब अदालत में चला जाता है तो स्वयं को जेल जाने से बचाने के लिए दिल्लीवासियों के टैक्स का पैसा मुकदमा लड़ने पर खर्च करने की कोशिश करते हैं। आप के कई बड़े नेताओं पर मुकदमे चल रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए केजरीवाल सरकार नैतिकता के सभी मानको का उल्लंघन कर रही है, इसलिए भाजपा के तीनों विधायक उपराज्यपाल से मिलकर केजरीवाल सरकार के अराजक फैसले और जनता के धन का दुरुपयोग रोकने की मांग करेंगे।

वहीं, गर्मी में निर्बाध रूप से बिजली व पानी आपूर्ति करने, सफाई व्यवस्था सुधारने और बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने की भी मांग की जाएगी।

Posted By: JP Yadav