नई दिल्ली (जेएनएन)। अरुण जेटली मानहानि मामले में वकील राम जेठमलानी की फीस को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि फीस दिल्ली सरकार ही भरेगी। उन्होंने मंगलवार को कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर जनप्रतिनिधि के तौर पर अगर वह आवाज उठाते हैं तो उसकी फीस सरकार को ही देनी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके पास वकील की फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं।

रैली में जनता बोली- सरकार दे जेठमलानी की फीस

इससे पहले सुंदर नगरी स्थित कबूतर चौक पर आयोजित जनसभा में केजरीवाल ने लोगों से पूछा कि यह फीस उन्हें भरना चाहिए या सरकार को। इस पर जनता ने कहा, सरकार को। जनसभा में केजरीवाल ने कहा कि जेटली के हटने के बाद अब डीडीसीए मुनाफे में आ चुका है। ऐसे में उनके आरोप गलत नहीं थे।

अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि डीडीसीए में बहुत भ्रष्टाचार था। क्रिकेट खेलने वाले बच्चे शिकायत लेकर आते थे कि रिश्वत न देने पर चयन नहीं होता है। भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए मैंने इसके ऊपर जांच बैठा दी, लेकिन भाजपा वालों ने मेरे ऊपर केस करवा दिया। ऐसे में मैंने सबसे बड़ा वकील किया राम जेठमलानी, तो ये लोग कहने लगे कि राम जेठमलानी की फीस सरकार क्यों देगी, अब जनता बताए फीस सरकार नहीं देगी तो क्या मैं दूंगा? ये लोग भ्रष्टाचार की लड़ाई को कमजोर करना चाहते हैं। 

इससे पहले विवाद बढ़ने पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी मंगलवार को मीडिया के सामने आकर कहा था कि इस मामले को उठाने की टाइमिंग पर सवाल उठते हैं। ये डेढ़ साल पुराना वकील की फीस का मामला ले आए हैं, क्योंकि भाजपा के ईवीएम घोटाले की मध्य प्रदेश में पोल खुल गई है।

Posted By: JP Yadav

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