विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मध्य प्रदेश से अंचलवार कांग्रेस नेता बुलाए जा रहे दिल्ली, अरुण यादव के बाद अब इन नेताओं से ली जाएगी जानकारी

By Jagran NewsEdited By: Anurag Gupta
Published: Sun, 10 Dec 2023 06:57 PM (GMT+05:30)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के कारण जानने के लिए अंचलवार नेताओं को दिल्ली बुलाया ...और पढ़ें

मध्य प्रदेश से अंचलवार कांग्रेस नेता बुलाए जा रहे दिल्ली (फोटो: एएनआई)
मध्य प्रदेश से अंचलवार कांग्रेस नेता बुलाए जा रहे दिल्ली (फोटो: एएनआई)

HighLights

  1. अरुण यादव के बाद अजय सिंह, उमंग सिंघार, जीतू पटवारी से बात करेगा आला नेतृत्व
  2. कांग्रेस 230 सीटों में से केवल 66 सीटें ही जीत सकी

राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के कारण जानने के लिए अंचलवार नेताओं को दिल्ली बुलाया जा रहा है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुलाया है। इनसे निमाड़ सहित अन्य क्षेत्रों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर जानकारी ली जाएगी। इसी कड़ी में अजय सिंह, उमंग सिंघार, जीतू पटवारी सहित अन्य नेताओं को बुलाकर भी जानकारी ली जाएगी। 

कांग्रेस में मंथन का दौर जारी

हार के कारणों पर केंद्रीय संगठन से प्रदेश इकाई तक मंथन किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी व महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांतिलाल भूरिया, ओमकार सिंह मरकाम, कमलेश्वर पटेल, मीनाक्षी नटराजन, प्रदेश के प्रभारी सचिव सहित अन्य नेताओं के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल बैठक कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री को लेकर खत्म होगा सस्पेंस, कल होगी भाजपा विधायक दल की बैठक; इन नामों पर चर्चा तेज

प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस केवल 66 सीटें ही जीत सकी है। वोट प्रतिशत भी 0.49 प्रतिशत घटा है। सभी अंचलों में पार्टी को नुकसान हुआ है। विंध्य अंचल में तो पार्टी की सीट छह से घटकर पांच रह गई हैं, जबकि पार्टी को आशा यह थी कि यहां स्थिति में सुधार होगा।

उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ हार से निराश कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इसके लिए वह प्रदेशव्यापी दौरा करेंगे। इसकी शुरुआत 15 दिसंबर के बाद हो सकती है।

यह भी पढ़ें: तीन राज्यों में सीएम के नाम की घोषणा में देरी पर अशोक गहलोत ने उठाए सवाल, बीजेपी पर साधा निशाना