विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Election 2019 : जेल में रहकर चुनाव जीते थे उमाकांत यादव, भाजपा के केशरीनाथ को परास्त किया

By Brijesh SrivastavaEdited By:
Published: Sat, 20 Apr 2019 11:13 AM (IST)

2004 में प्रतापगढ़ जनपद का पट्टी व बीरापुर (अब रानीगंज) जौनपुर जिले के मछलीशहर संसदीय क्षेत्र में ही आता था। ...और पढ़ें

Lok Sabha Election 2019 : जेल में रहकर चुनाव जीते थे उमाकांत यादव, भाजपा के केशरीनाथ को परास्त किया
Lok Sabha Election 2019 : जेल में रहकर चुनाव जीते थे उमाकांत यादव, भाजपा के केशरीनाथ को परास्त किया

प्रतापगढ़ : वर्ष 2004 में 14 वीं लोकसभा का चुनाव मछलीशहर संसदीय क्षेत्र के लिए बड़ा ही दिलचस्प रहा। उस समय प्रतापगढ़ जनपद का पट्टी व बीरापुर (अब रानीगंज) जौनपुर जिले के मछलीशहर संसदीय क्षेत्र में ही आता था। जहां एक तरफ भाजपा के दिग्गज नेता केसरीनाथ त्रिपाठी चुनाव लड़ रहे थे तो दूसरी तरफ सपा से निवर्तमान सांसद सीएन ङ्क्षसह मैदान में थे। इसी चुनाव में बसपा ने उमाकांत यादव को मछलीशहर से उतारा था। उमाकांत यादव उस समय जेल की सलाखों के पीछे थे। जेल की सलाखों के पीछे रहकर उमाकांत यादव ने अपनी जीत दर्ज करा कर इतिहास रच दिया था। 

 एक पोस्टर से उमाकांत ने सहानुभूति बटोरी 

उमाकांत के जेल में होने के कारण उस समय उनका प्रचार करने के लिए पार्टी के पदाधिकारी गांव-गांव घर-घर पहुंच रहे थे। प्रचार के लिए बसपा वालों ने उमाकांत को सलाखों के पीछे खड़ा करके एक पोस्टर छपवा कर जगह-जगह चिपका कर लोगों की सहानुभूति बटोरने का प्रयास किया था। इसका काफी लाभ पार्टी प्रत्याशी उमाकांत को मिला और मतदान के दिन लोगों ने अपना समर्थन उमाकांत को देकर उन्हें विजयी बना दिया।

...और जीत उमाकांत को ही मिली

उस चुनाव में 237438 मत पाकर उमाकांत विजयी घोषित हुए। उस समय सपा प्रत्याशी सीएन ङ्क्षसह (चंद्रनाथ ङ्क्षसह) 182056 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर भाजपा के दिग्गज नेता केसरीनाथ त्रिपाठी रहे, उन्हें 170939 मत मिला था। इस चुनाव के बाद बसपा का ग्राफ बढ़ता गया। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा की पूर्ण बहुमत से उत्तर प्रदेश में सरकार बन गई। बसपा की सरकार प्रदेश में बनी तो आजमगढ़ में जबरन एक मकान बनाने के आरोप में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी ही पार्टी के सांसद उमाकांत यादव को अपने आवास से गिरफ्तार करवाकर जेल भिजवा दिया था। इसके बाद वह लंबे समय तक जेल में रहे।