काशीपुर, जेएनएन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 36 और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की सांसद निधि 32 फीसद खर्च होनी अभी शेष है। जबकि पूरे देश में लोकसभा सांसद 70 फीसद निधि खर्च कर चुके हैं और 30 फीसद होनी है। निधि खर्च करने के लिहाज से नागालैंड देश का प्रथम राज्य है। हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ चौथे स्थान पर है। वहीं उत्तराखंड इस लिस्ट में 25वें स्थान पर है। 16वीं लोकसभा के सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने को है और 31 मार्च 2019 तक 4112 करोड़ रुपये यानी लगभग एक तिहाई सांसद निधि खर्च नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं 18 फीसद सांसद निधि भारत सरकार से सांसदों के खर्च संबंधी प्रमाण, ऑडिट रिपोर्ट आदि प्राप्त न होने के कारण जारी नहीं हुई। यह खुुलासा सूचना अधिकार अधिनियम के तहत हुआ है।

काशीपुुर निवासी आरटीआइ कार्यकर्ता नदीम उद्दीन नेे सांसद निधि जारी करनेे वाले नोडल मंत्रालय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय सेे वर्तमान सदस्य को सांसद निधि जारी करनेे व खर्च करनेे की सूचना मांगी। उपसचिव एवं केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी राज किशन भोरिया नेे 20 फरवरी 2019 सेे वांछित सूूचनाओं का एमपीलेड्स वेेबसाइट पर उपलब्ध ङ्क्षलक का विवरण अपनेे पत्रांक 11011 में उपलब्ध कराया।

विवरण के अनुुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सांसद के रूप में 25 करोड़ की सांसद निधि मेें से 17.5 करोड़ रूपए जारी हुए। वर्ष 2017-18 की दूसरी किस्त ऑडिट रिपोर्ट गलत प्राप्त होनेे के कारण जारी नहीं हुई। इसमें सेे भी 1.48 करोड़ की सांसद निधि खर्च नहीं हो सकी। कुल मिलने वाली सांसद निधि 25 करोड़ के हिसाब से 8.98 करोड़ यानी करीब 36 फीसद खर्च नहीं हो सके।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अमेठी सांसद के रूप में 25 करोड़ की सांसद निधि में से 17.5 करोड़ जारी हुए। जारी रकम में से 0.45 करोड़ खर्च नहीं हुए। वहीं कुल मिलने वाली राशि 25 करोड़ में से वह 7.95 करोड़ यानी 32 फीसद सांसद निधि खर्च नहीं कर पाए।

उत्तराखंड के सांसदों को मिले 80 करोड़, खर्च हुए 15 करोड़

राज्य के लिहाज से देखें तो उत्तराखंड के पांच सांसदों की कुल 125 करोड़ की निधि मेें 45 करोड़ जारी नहीं हुए हैं। यानी जारी हुए 80 करोड़ में से भी 14.94 करोड़ की खर्च नहीं हो सकी है। गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी की 72 फीसद, हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक की 32 फीसद, अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा की 67 फीसद, नैनीताल सांसद भगत ङ्क्षसह कोश्यारी की 27 फीसद तथा टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी की 43 फीसद सांसद निधि खर्च नहीं हो सकी।

तीन सांसदों ने खर्च किया 100 फीसद

देश में केवल तीन सांसद ही ऐसे हैं। जिनकी शत-फीसद सांसद निधि खर्च हो सकी है। इसमें नागालैंड के नायफियो रिओ, हिमाचल प्रदेेश सेे मंडी सांसद राम स्वरूप शर्मा व तमिलनाडु सेे चेन्नई वेस्ट सांसद टीजी वेंकटेश बाबू शामिल हैैं।

11 सांसदों ने खर्च नहीं किया धेला

11 सांसद ऐसेे भी हैं जिनके अभी तक के कार्यकाल में एक फीसद भी सांसद निधि खर्च नहीं हो सकी है। इसमें पंजाब के गुुरदासपुुर से सांसद सुुनील कुमार जाखड़, राजस्थान सेे अलवर सांसद करन ङ्क्षसह यादव तथा चंद्रनाथ, उप्र से कैराना सांसद बेगम तबस्सुुम हसन, तेलंगाना से वांरगल सांसद श्रीहरि कादियान, महाराष्ट्र सेे भंडारा गोंडिया सांसद नाना भाऊ, कर्नाटक सेे बेल्लारी सांसद वेंकटरापुुरा तथा शिमोगा से बीवाई राघवेंद्र, बिहार सेे अररिया सांसद सरफराज आलम, असम सेे लखीमपुुर सांसद सरबंदा सोनावाल, पश्चिमी बंगाल सेे बंगांव सांसद कपिल कृष्ण ठाकुर शामिल हैैं।

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Posted By: Skand Shukla

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