नई दिल्ली, जेएनएन। लोकसभा चुनाव 2019 में पश्चिम बंगाल चर्चा का विषय बना रहा है। पश्चिम बंगाल में हर चरण के मतदान के साथ काफी हिंसा देखने को मिली। टीएमसी और भाजपा दोनों में ही आमने-सामने की लड़ाई है। आखिरकार, बंगाल में भाजपा का मैजिक चल ही गया। पार्टी ने यहां  लोकसभा की 18 सीटें झटक लीं है। बीजेपी के  उम्मीदवारों में से जीत हासिल करने वाले कुछ प्रमुख चेहरों में बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो और एस एस अहलूवालिया शामिल हैं। आसनसोल में बाबुल सुप्रियो ने टीएमसी की भावी उम्मीदवार मुनमुन सेन को 197637 वोटों के अंतर से हराया है। जानकारी के लिए बता दें कि इस बार टीएमसी को 2014 के मुकाबले 12 सीटों का नुकसान हुआ है।  

गौरतलब है कि एग्जिट पोल में भी कहा जा रहा था भाजपा पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 19 से 23 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। वहीं राज्य में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को महज 19 से 22 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। रुझान के अनुसार, एग्जिट पोल भले ही पूरी तरह सच नहीं हुए, लेकिन बीजेपी ने टीएमसी को अच्छी टक्कर दी है। हालांकि बीजेपी ने साल 2014 की तुलना में अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है।

2014 के चुनाव में बीजेपी को पश्चिम बंगाल में सिर्फ 2 सीटों से संतोष करना पड़ा था और मोदी लहर के बावजूद टीएमसी ने 33 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, इस बार दीदी का जादू अच्छी तरह नहीं चल पाया। वहीं विधानसभा चुनाव में 34 सालों से सत्ता पर जमी सीपीएम सरकार को ममता ने साल 2011 में उखाड़ फेंका था और विधानसभा चुनाव में 294 में से 184 सीटों पर कब्जा जमा कर पहली बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं।

बंगाल की 42 सीटों पर 466 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर है और बंगाल के करीब सवा नौ करोड़ लोग नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में भाग्य आजमा रहे 466 प्रत्याशियों में से 42 सांसद चुनने के लिए सर्वाधिक 5.72 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। इनमें कई ऐसे प्रत्याशी हैं, जो फिल्म, कला और करोड़पति है।  

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Posted By: Mohit Pareek