लखनऊ, जेएनएन। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को अवध क्षेत्र के 16 लोकसभा क्षेत्रों की समीक्षा की। शाह ने इन क्षेत्रों में भाजपा के चुनावी अभियान का आकलन किया और हर हाल में सभी सीटें जीतने के लिए पार्टी नेताओं को मंत्र दिया। उन्होंने पार्टी के पुराने नेताओं को महत्व देकर सक्रिय करने की भी हिदायत दी। अवध क्षेत्र की ज्यादातर सीटों पर चौथे और पांचवें चरण में मतदान है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सोमवार देर रात राजधानी पहुंचे। उनका कार्यक्रम पहले शाम को छह बजे आने का था लेकिन, दिल्ली में संकल्प पत्र (घोषणापत्र) जारी करने और अन्य कार्यक्रमों की वजह से विलंब हो गया। शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल के साथ विमर्श किया और फिर लोकसभावार अलग-अलग जानकारी ली। अवध क्षेत्र की 16 लोकसभा सीटों को चार समूहों में बांटा गया है। इसके लिए देवीपाटन, अयोध्या, लखनऊ और सीतापुर कलस्टर बनाया गया है। शाह ने इन चारों कलस्टर की अलग-अलग बैठक की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बैठक के संदर्भ में पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अभियान की समीक्षा करने आए हैं और वह आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। जिन क्षेत्रों में उम्मीदवार तय नहीं हैं, उन पर भी चर्चा होगी। इस विमर्श में अवध क्षेत्र के प्रभारी और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर, क्षेत्रीय अध्यक्ष सुरेश तिवारी और संगठन मंत्री प्रद्युम्न भी मौजूद थे। शाह हर लोकसभा क्षेत्र के बारे में भाजपा और विपक्ष की स्थिति के बारे में पूछते। उन्होंने भाजपा की ताकत और कमजोरी के बारे में भी जानकारी ली।

असंतुष्टों को साधने पर शाह ने दिया जोर

अवध क्षेत्र में लखनऊ, मोहनलालगंज, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, धौरहरा, लखीमपुर, हरदोई, मिश्रिख, फैजाबाद, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच और कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र हैं। इस बार अवध क्षेत्र में कई नए चेहरे हैं। छह लोकसभा क्षेत्रों में भाजपा ने नये उम्मीदवार उतारे हैं। असंतुष्टों को साधने पर भी उन्होंने जोर दिया। बांदा के सांसद भैरो मिश्रा के समर्थक उनके टिकट कटने पर नारेबाजी कर रहे थे। और भी कई प्रमुख लोग आये थे जो शाह से मिलने के लिए प्रयासरत थे लेकिन, संपर्क नहीं हो सका।

बची सीटों के उम्मीदवारों पर मंथन

भाजपा ने अभी गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर, प्रतापगढ़, जौनपुर, घोसी और भदोही में अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। शाह ने इन क्षेत्रों की संभावना और दावेदारों की स्थिति पर चर्चा की। संकेत मिले हैं कि एक-दो दिन में इन सभी क्षेत्रों के उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे।

निषाद और राजभर पर जल्द होगा फैसला

सपा-बसपा गठबंधन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए गोरखपुर के सपा सांसद प्रवीण निषाद और उनके पिता डॉ. संजय निषाद की पार्टी निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) तथा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर की मांगों पर भी शाह के समक्ष चर्चा हुई। इनका समायोजन कहां होगा, इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ लेकिन, संकेत यही है कि एक-दो दिन में इन पर भी फैसला हो जाएगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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